चीन में उइगुर समुदाय पर अत्याचार की खबरें आए दिन आती ही रहती हैं। इस बीच प्रसिद्ध उइगुर लोकगीतकार राहिले दाउत को चीनी अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विदेशी मीडिया के अनुसार, दाउत पर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप है। राहिले की बेटी अकिदा पुलट पिछले कई वर्षों से इसी उम्मीद में थी कि उसकी मां जल्द रिहा हो जाएंगी। बता दें, राहिले पिछले छह वर्षों से गायब थीं।
मां को मिली सजा के कारण परेशान बिटिया
एक विदेशी मीडिया एजेंसी के साथ साक्षात्कार के दौरान अकीदा ने बताया कि मैं पिछले कई वर्षों से अपनी मां के स्वास्थ्य के कारण चिंतित हूं। मेरी मां निर्दोष है। लेकिन अदालत के फैसले के कारण अब जिंदगी भर उन्हें जेल में ही रहना पड़ेगा। मैं असल में बहुत परेशान हूं। मैं चाहती हूं मेरी मां रिहा हो जाए। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में 300 से अधिक उइगुर बुद्धिजीवियों को हिरासत में लिया गया है। चीन के शिनजियांग क्षेत्र में समाज के करीब 30 लाख लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है।
दूतावास ने जानकारी होने से किया इनकार
मामले में एक अधिकारी का कहना है कि उइगुर बुद्धिजीवियों और विद्वानों का बहुत सम्मान करते हैं। जब इन पर हमला होता है तो आप उइगुर संस्कृति के मूल पर हमला होता है। अमेरिका सहित कई देश चीनी सरकार पर शिनजियांग में उइगुर सहित अन्य मुस्लिम समुदायों के खिलाफ नरसंहार के आरोप लगाते हैं। वाशिंगटन में चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने मामले में साफ किया कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी ही नहीं है।
राहिले की अपील खारिज
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दाउत 2017 में पहली बार गायब हुईं थीं। इसके बाद 2018 में उनके खिलाफ विभाजनवाद का आरोप लगाया गया था। बता दें, चीनी अकसर उइगुरों पर हमला करने के लिए विभाजनवाद का ही आरोप लगाती है। अपने आजीवन कारावास के खिलाफ राहिले ने अपील भी की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था। हालांकि, उन्हें सजा कब सुनाई गई, इसकी सटीक जानकारी अभी सामने नहीं पाई है।