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धार्मिक स्वतंत्रता पर USCIRF की रिपोर्ट: भारतीय-अमेरिकी संगठनों ने बताया पक्षपाती, कहा- कश्मीरी पंडितों का जिक्र ही नहीं

Wed, 27 Apr 2022 08:00 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

वैश्विक प्रवासी कश्मीरी पंडित समूह के संस्थापक सदस्य जीवन जुत्शी ने कहा, यह निराशाजनक है कि रिपोर्ट में केवल कश्मीर के मुसलमानों का हवाला दिया गया है, लेकिन कश्मीरी पंडित हिंदुओं को नजरअंदाज कर दिया गया है।
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यूएससीआईआरएफ - फोटो : social media
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विस्तार
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अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग द्वारा जारी रिपोर्ट पर भारतीय-अमेरिकी संगठनों ने निराशा व्यक्त की है। साथ ही आरोप लगाया है कि यह रिपोर्ट भारत के खिलाफ पक्षपाती तरीके से तैयार की  गई है। 

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धार्मिक स्वतंत्रता के संदर्भ में पेश रिपोर्ट में बाइडन प्रशासन से सिफारिश की गई है कि भारत, चीन, पाकिस्तान, अफगानिस्तान के अलावा 11 अन्य देशों को 'विशेष चिंता वाले देशों' के रूप में नामित किया जाए। हालांकि, बाइडन प्रशासन पर इस रिपोर्ट की सिफारिशें बाध्यकारी नहीं हैं। 

भारत विरोधी अभियानों का हिस्सा है रिपोर्ट 
फाउंडेशन फॉर इंडिया एंड इंडियन डायस्पोरा स्टडीज (FIIDS) ने आरोप लगाया, भारत पर यूएससीआईआरएफ की रिपोर्ट पक्षपाती है। यह अमेरिका में चल रहे भारत विरोधी अभियानों का एक हिस्सा है। उन्होंने कहा, भारत का नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) एक ऐसा अधिनियम है जो पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक रूप से प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देता है, इसे गलत तरीके से नागरिकता छीनने वाले कानून की तरह पेश किया जा रहा है। वहीं राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC), जो कि लोकतांत्रिक देशों में आम है, उसे भारतीय अदालत के फैसले के अनुसार लागू किया जा रहा है। 
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रिपोर्ट में कश्मीरी पंडितों को किया गया नजरअंदाज
वैश्विक प्रवासी कश्मीरी पंडित समूह के संस्थापक सदस्य जीवन जुत्शी ने कहा, यह निराशाजनक है कि रिपोर्ट में केवल कश्मीर के मुसलमानों का हवाला दिया गया है, लेकिन कश्मीरी पंडित हिंदुओं को नजरअंदाज कर दिया गया है। वे आतंकवाद के शिकार हैं और उनकी हत्या कर दी गई है। उन्होंने कहा, रिपोर्ट में इस बात का जिक्र नहीं किया गया कि अनुच्छेद 370 के हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में स्थिति सामान्य हो गई है। 

अपनी जान बचाने के लिए भारत जा रहे लोग 
बांग्लादेश जर्नल के अमेरिका स्थित संपादक प्रिया साहा ने कहा, यूएससीआईआरएफ की रिपोर्ट भारत की मानवीय साख के विपरीत है। इस रिपोर्ट में इस बात का जिक्र नहीं है कि बांग्लादेश के कई नागिरक जेहादियों से अपनी जान बचाने के लिए भारत जा रहे हैं। 

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