ट्रंप प्रशासन ने म्यांमार की मदद के लिए 90 लाख डॉलर की मदद देने का एलान किया है, लेकिन यूएसएआईडी के बजट में भारी कटौती करने और कर्मचारियों की छंटनी से एजेंसी के राहत और बचाव कार्यों में काफी अड़चन आ रही है।
म्यांमार में राहत और बचाव कार्यों में लगी यूएसएआईडी की एक टीम को नौकरी से निकालने का मामला सामने आया है। यूएसएआईडी की एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी ने यह दावा किया है। गौरतलब है कि ट्रंप सरकार लगातार संघीय सरकार के खर्च में कटौती के लिए कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर कटौती कर रही है। इसी के तहत यूएसएआईडी में भी हजारों की संख्या में कर्मचारियों की छंटनी की गई है और अभी भी जारी है।
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पूर्व वरिष्ठ अधिकारी ने उठाए सवाल
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यूएसएआईडी की टीम के साथ म्यांमार में राहत कार्यों में जुटे तीन कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का आदेश दिया गया है। एजेंसी की पूर्व वरिष्ठ अधिकारी मार्सिया वॉन्ग ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जब टीम के लोग बेहद मुश्किल हालात में काम कर रहे हैं और मानवीय मदद में जुटे हैं तो उन्हें नौकरी से निकाले जाने की खबर क्या उनका मनोबल नहीं तोड़ेगी? ट्रंप प्रशासन ने म्यांमार की मदद के लिए 90 लाख डॉलर की मदद देने का एलान किया है, लेकिन यूएसएआईडी के बजट में भारी कटौती करने और कर्मचारियों की छंटनी से एजेंसी के राहत और बचाव कार्यों में काफी अड़चन आ रही है। वहीं चीन, भारत, रूस और अन्य देश तेजी से म्यांमार की मदद कर रहे हैं।
अमेरिका में बड़े पैमाने पर हो रही छंटनी
राष्ट्रपति पद संभालते ही ट्रंप ने संघीय सरकार के खर्च में कटौती शुरू कर दी थी। इसके लिए गठित सरकारी दक्षता विभाग एलन मस्क के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर संघीय कर्मचारियों की छंटनी कर रहा है। इसका सबसे बड़ा खामियाजा विदेशों में मदद करने वाली एजेंसी यूएसएआईडी को उठाना पड़ रहा है। वॉन्ग ने बताया कि यूएसएआईडी के कर्मचारी भूकंप जोन में काम कर रहे हैं और खुले में सड़कों पर सो रहे हैं।
विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शुक्रवार को इस आलोचना को खारिज कर दिया कि अमेरिका, भूकंप प्रभावित म्यांमार में तेजी से काम नहीं कर पा रहा है क्योंकि यूएसएआईडी को खत्म कर दिया गया था। रूबियो ने कहा कि म्यांमार काम करने के लिए सबसे आसान जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि म्यांमार की सैन्य सरकार अमेरिका को पसंद नहीं करती है और उसे देश में अपनी इच्छानुसार काम करने से रोकती है। रूबियो ने कहा कि अमेरिका अब दुनिया का शीर्ष मानवीय दाता नहीं रहेगा, तथा उन्होंने अन्य धनी देशों से म्यांमार की सहायता के लिए आगे आने का आह्वान किया।