अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के लिए चीन भी अमेरिका का सहयोग करने के लिए तैयार है। उन्होंने ईरान की तुलना में चीन को ज्यादा जिम्मेदार देश भी बताया। अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक रूप से दबाव बनाने के लिए 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' शुरू किया है। जिस पर सवाल उठ रहे हैं कि चीन की मदद के बिना ये अभियान सफल नहीं हो सकता। जब इसे लेकर वेंस से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि चीन भी मदद के लिए तैयार है।
वेंस ने चीन को बताया ज्यादा जिम्मेदार
वेंस ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'मुझे लगता है कि चीन सरकार, इस मामले में सहयोग के लिए तैयार है।' हालांकि वेंस ने स्वीकार किया कि अमेरिका और चीन के बीच कुछ नीतिगत मतभेद हैं, लेकिन चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच अच्छे संबंध हैं।
वेंस ने कहा, 'चीन के बारे में जो कहें, लेकिन वे उस तरह के देश नहीं हैं कि किसी अंतरराष्ट्रीय विवाद में अपनी बात मनवाने के लिए वाणिज्यिक जहाजों पर गोलीबारी करते रहें।' जेडी वेंस ने बताया कि तुर्किये, अजरबैजान, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर और अन्य खाड़ी देशों सहित कई अन्य देश भी अमेरिका की मदद करने के लिए कदम उठा रहे हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा, 'कई देश, कभी-कभी सार्वजनिक रूप से कुछ कहने के लिए तैयार नहीं होते हैं, लेकिन निजी तौर पर वे वाणिज्यिक जहाजों पर गोलीबारी करने के लिए ईरान को सबक सिखाना चाहते हैं और इस वजह से वे हमारी मदद भी कर रहे हैं।'
'ईरान पर गुप्त दबाव समेत सभी विकल्प खुले'
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के पास ईरान से निपटने के लिए आर्थिक, सैन्य, राजनयिक और गुप्त उपायों समेत कई विकल्प मौजूद हैं। वेंस का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है। वेंस ने कहा कि ईरान पर दबाव बनाने की हम अपनी योजनाओं का खुलासा नहीं करेंगे क्योंकि इससे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की फैसला लेने की क्षमता सीमित हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति इतने मूर्ख नहीं हैं कि पूरी दुनिया के सामने बता दें कि हम क्या करने वाले हैं। हालिया अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए वेंस ने कहा कि अगर ईरानी होर्मुज में आतंकवादियों की तरह व्यवहार करना बंद नहीं करते हैं तो पूरी दुनिया को ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ेगा।