फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमेरिका : बाइडन की शपथ के दिन बड़ी हिंसा का अंदेशा, सोशल मीडिया में दी जा रहीं धमकियां

Sun, 10 Jan 2021 10:39 PM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
विज्ञापन
US capitol violence - फोटो : PTI
विज्ञापन
अब अमेरिका में निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन के शपथ ग्रहण के दिन यानी 20 जनवरी को बड़े पैमाने पर हिंसा होने की चेतवानी दी गई है। बताया जाता है कि छह जनवरी को वॉशिंगटन में कैपिटल हिल (संसद भवन) पर हमले के बाद ट्रंप समर्थक चरमपंथी गुटों का मनोबल बढ़ा हुआ है। 
विज्ञापन


सोशल मीडिया में ‘ट्रंप या वॉर’ जैसे संदेश
चरमपंथी गुटों के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अब और भी आक्रामक संदेश पोस्ट किए जा रहे हैं। इन गुटों से जुड़े लोग अपने इस नारे को दोहरा रहे हैं कि ‘ट्रंप ऑर वॉर’ (यानी ट्रंप या फिर युद्ध)। कुछ पोस्ट्स में कहा गया है कि ‘हम सरकारी इमारतों को उड़ा देंगे, पुलिसकर्मियों की हत्या करेंगे, संघीय सरकार के कर्मचारियों और एजेंटों को मार डालेंगे और (राष्ट्रपति चुनाव के) वोटों की फिर से गिनती की मांग करेंगे।’ कुछ पोस्ट्स में अपने समर्थकों से कहा गया है कि ‘अगर आपको गोली चलाना नहीं आता, तो अब सीख लीजिए।’

हेट (नफरत) फैलाने वाले गुटों की निगरानी करने वाली संस्था एंटी-डिफेमेशन लीग के सीईओ जोनाथन ग्रीनब्लाट ने टीवी चैनल सीएनएन से कहा- “हम धुर-दक्षिणपंथी उग्रवादियों और श्वेत वर्चस्ववादी गुटों की बातचीत पर नजर रख रहे हैं। उनकी बातचीत से लगता है कि फिलहाल उनका हौसला बढ़ा हुआ है।”
विज्ञापन


पहले भी वायरल हुए थे ऐसे संदेश
छह जनवरी की रैली के पहले भी ऐसे संदेश इन गुटों के सोशल मीडिया पोस्ट्स पर देखे गए थे। छह जनवरी को कैपिटल हिल पर हमले के दौरान पांच लोग मारे गए। जानकारों का कहना है कि उसके बाद इन गुटों की गतिविधियां और तेज हो गई हैं। 

इस हमले के बाद ट्रंप समर्थक ऑनलाइन फोरम दडॉनल्ड.विन पर एक पोस्ट में कहा गया- “20 जनवरी को ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ लेंगे। हम कम्युनिस्टों को जीतने नहीं दे सकते। इसके लिए डीसी (डिस्ट्रिक्ट कोलंबिया जहां वॉशिंगटन है) को जला डालना पड़े तो हम वह भी करेंगे। हम डीसी को वापस अपने कब्जे में लेंगे। हम अपने देश को अपने हाथ में लेंगे।”

धुर दक्षिणपंथी मान रहे सफलता

कनाडा की टोरंटो यूनिवर्सिटी में स्थित सिटीजन लैब में सीनियर रिसर्चर जॉन स्कॉट- रेयलटन ने सीएनएन से कहा कि हम शपथ ग्रहण के दिन को लेकर बेहद चिंतित हैं। सिटिजेन लैब साइबर सिक्युरिटी की निगरानी करती है। उन्होंने कहा- हालांकि आम तौर पर लोग छह जनवरी को जो हुआ उससे भौंचक हैं, लेकिन कुछ धुर दक्षिणपंथी खेमों की बातचीत से लगता है कि वे इस घटना को अपनी सफलता के रूप में देख रहे हैं।

राजकाज (गवर्नेंस) पर नजर रखने वाली संस्था एडवांस डेमोक्रेसी के मुताबिक छह जनवरी की घटना के पहले सोशल मीडिया पर ट्रंप समर्थक गुटों की गतिविधि बेहद तेज हो गई थीं। क्यूनॉन संगठन से जुड़े सोशल मीडिया एकाउंट्स पर 1,480 पोस्ट किए गए, जिनमें हिंसा की बात की गई थी। कई पोस्ट्स में युद्ध शब्द का इस्तेमाल किया गया था। एक पोस्ट में कहा गया- आज से युद्ध शुरू हो रहा है।

पुलिस को नहीं था अंदेशा

इसके बावजूद संघीय और स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि उन्हें इसका कोई आभास नहीं था कि कैपिटल हिल पर घेरा डाला जाएगा। डीसी पुलिस के प्रमुख रॉबर्ट कोन्टी ने घटना के एक दिन बाद कहा था कि उनके पास कोई ऐसी खुफिया जानकारी नहीं थी, जिसमें कैपिटल हिल की सुरक्षा में सेंध लगने की आशंका जताई गई हो। 

शपथ के दिन सुरक्षा को लेकर सजग
अब उन्होंने दावा किया कि अब बाइडन के शपथ ग्रहण के दिन को लेकर डीसी पुलिस सतर्क है। डीसी पुलिस ने एक बयान में कहा है- अमेरिकी राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण हमारे लोकतंत्र के बुनियादी तत्वों में एक है। 59वें शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने वाले सभी लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

सुरक्षा जानकारों ने पुलिस के इस बयान पर आक्रोश और अचरज जताया है कि उसे छह जनवरी को कोई गड़बड़ी होने का अंदाजा नहीं था। जबकि सिक्युरिटी फर्म जी4एस ने चार जनवरी को ही एक विश्लेषण में यह बताया था कि छह जनवरी और शपथ ग्रहण के दिन ऐसे लोग वॉशिंगटन आएंगे, जिनका मकसद हिंसा करना है। उनमें कुछ अवैध निजी सेनाओं से जुड़े लोग भी हो सकते हैं। 
विज्ञापन

पूरे देश में गड़बड़ी की आशंका

जानकारों का कहना है कि 20 जनवरी को ट्रंप समर्थक उग्रवादियों के निशाने पर सिर्फ वॉशिंगटन ही नहीं होगा। बल्कि उस रोज वे पूरे देश में जहां मौका मिलेगा, गड़बड़ी फैला सकते हैं। कई सुरक्षा जानकारों का कहना है कि चुनौती जितनी गंभीर है, उसके मद्देनजर पुलिस की तैयारी अभी नजर नहीं आ रही है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें