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G20: जी20 नेताओं की तस्वीर से गायब हुए जो बाइडन, क्या डोनाल्ड ट्रंप की जीत के चलते नहीं मिला भाव?

Tue, 19 Nov 2024 01:46 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रियो डी जेनेरियो

सार

जो बाइडन कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के साथ बातचीत में ही लगे थे और समय पर नहीं पहुंचे। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि समय से पहले ही फोटो सेशन हो गया। 
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जी20 देशों के नेता तस्वीर खिंचाते हुए - फोटो : एक्स/वीडियो ग्रैब इमेज
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विस्तार
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ब्राजील में हुए जी20 सम्मेलन का समापन हो गया है। हालांकि समापन के दौरान जी20 देशों के नेताओं की जो ग्रुप तस्वीर सामने आई है, उसकी दुनियाभर में चर्चा हो रही है। दरअसल इस तस्वीर में दुनिया की सबसे ताकतवर देश अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ही गायब हैं। बताया जा रहा है कि जो बाइडन कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के साथ बातचीत में ही लगे थे और समय पर नहीं पहुंचे। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि समय से पहले ही फोटो सेशन हो गया। 
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क्या ट्रंप की जीत के चलते नहीं मिला बाइडन को भाव?
ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में हुआ जी20 शिखर सम्मेलन जो बाइडन का बतौर राष्ट्रपति आखिरी वैश्विक सम्मेलन था, क्योंकि अमेरिका में हुए राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को जीत मिली है और दो महीने बाद वे अमेरिका के नए राष्ट्रपति का पद संभाल लेंगे। ऐसे में हो सकता है कि जी20 नेताओं के ग्रुप फोटो में जो बाइडन के होने को आयोजकों ने इतनी अहमियत नहीं दी। सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई ट्वीट किए गए हैं। ग्रुप फोटो में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, तुर्किए के राष्ट्रपति एर्दोगन पहली पंक्ति में खड़े दिखाई दिए। 

बाइडन ने अपने आखिरी जी20 सम्मेलन में यूक्रेन के समर्थन की अपील की
गौरतलब है कि इस ग्रुप फोटो में जो बाइडन के अलावा कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो और इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी भी मौजूद नहीं थीं। अपने आखिरी जी20 शिखर सम्मेलन में जो बाइडन ने रूस के खिलाफ यूक्रेन का समर्थन करने की अपील की और यूक्रेन की संप्रभुता का समर्थन किया। बाइडन ने यूक्रेन को रूस के खिलाफ अमेरिकी की लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल करने की भी मंजूरी दे दी है, जिसे लेकर रूस ने धमकी भी दी है। हालांकि ऐसी आशंका है कि ट्रंप सत्ता संभालने के बाद इस फैसले को बदल सकते हैं, क्योंकि ट्रंप रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौते की वकालत कर रहे हैं। 
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