फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

US: 'अमेरिका को होर्मुज की नाकाबंदी करनी चाहिए', पूर्व एनएसए बोल्टन का बड़ा बयान; भारत का भी किया जिक्र

Wed, 25 Mar 2026 07:42 AM IST
Nitin Gautam न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

अमेरिका के पूर्व एनएसए जॉन बोल्टन ने कहा है कि ईरान को जब तक तेल राजस्व मिलता रहेगा, उसकी युद्ध मशीन चलती रहेगी और क्षेत्रीय सैन्य संतुलन भी बिगड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका को ईरान का राजस्व रोकने के लिए होर्मुज की नाकाबंदी करनी चाहिए। 
विज्ञापन
जॉन बोल्टन, पूर्व अमेरिकी एनएसए - फोटो : ANI/वीडियो ग्रैब
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की। इस बातचीत के बाद अमेरिका के पूर्व एनएसए जॉन बोल्टन ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को ईरान के तेल राजस्व को खत्म करने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी करनी चाहिए। जॉन बोल्टन ने आकलन किया कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की बातचीत में क्षेत्रीय संघर्ष और ईरानी ऊर्जा पर भारत की निर्भरता पर बात हुई होगी।  
विज्ञापन


'तेल के राजस्व से ईरान की युद्ध मशीन चलती है'
जॉन बोल्टन ने कहा, 'मुझे लगता है कि पीएम मोदी की सोच साफ है कि वे ईरान से तेल खरीदने के इच्छुक हैं। आज सुबह दो भारतीय जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से निकले भी हैं। हालांकि इस लेन-देन का असर भू-राजनीति पर पड़ता है।' बोल्टन ने कहा कि 'इस तरह राजस्व का प्रवाह क्षेत्रीय सैन्य संतुलन को सीधे तौर पर प्रभावित करता है और इससे ईरान को राजस्व मिलता है और उसकी युद्ध मशीन चलती रहती है।' 

'अमेरिका को होर्मुज की नाकाबंदी करनी चाहिए'
जॉन बोल्टन ने कहा, 'पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बातचीत में भारत की ऊर्जा जरूरतों को ईरान की बजाय एक स्थायी स्त्रोत पर स्थानांतरित करने पर भी बात हुई होगी।' बोल्टन ने कहा कि 'अमेरिका को ईरान के राजस्व स्त्रोतों को बाधित करने की जरूरत है और इसके लिए मुझे लगता है कि अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी करनी चाहिए ताकि ईरान का निर्यात बाधित हो।'
विज्ञापन




ये भी पढ़ें- US-Iran War: ट्रंप ईरान से युद्ध में लक्ष्य बदल रहे या नाकाम हो रहे? जानें अमेरिका की क्या नीति, असफल क्यों
विज्ञापन


पीएम मोदी ने राज्यसभा में दिया बयान
दोनों नेताओं की बातचीत ऐसे समय हुई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए पांच दिनों के संघर्ष विराम का एलान किया है। मंगलवार को पीएम मोदी ने भी राज्यसभा में पश्चिम एशिया के हालात पर सरकार का पक्ष रखा। पीएम मोदी ने कहा कि भारत अपने समुद्री और प्रवासी हितों की रक्षा के लिए अपनी राजनयिक ताकत का इस्तेमाल कर रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट से वैश्विक अर्थव्यवस्था को झटका लगा है और इसका असर लंबे समय तक बना रहेगा। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें