अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलान किया है कि वे गर्भपात रोधी कार्यकर्ताओं को माफी देंगे। इन कार्यकर्ताओं को गर्भपात क्लीनिक के प्रवेश द्वारों को अवरुद्ध करने का दोषी पाया गया था। ट्रंप ने कहा कि गर्भपात रोधी कार्यकर्ताओं की माफी के आदेश पर हस्ताक्षर करना एक बड़ा सम्मान है। ट्रंप ने कहा कि उन पर मुकदमा नहीं चलाया जाना चाहिए। जिन लोगों को माफी दी गई है, उनमें वो लोग भी शामिल हैं, जो अक्तूबर 2020 में वॉशिंगटन में एक क्लीनिक पर हमला और नाकेबंदी करने में शामिल थे।
गर्भपात विरोधी कार्यकर्ताओं पर लगे थे ये आरोप
गर्भपात क्लीनिक की नाकेबंदी का नेतृत्व करने वाली लॉरेन हैंडी को भी ट्रंप ने माफ कर दिया है। हैंडी को पांच साल जेल की सजा सुनाई गई थी। हैंडी पर आरोप थे कि जब उन्होंने क्लीनिक पर हमला किया तो उस दौरान एक नर्स चोटिल हुई। एक व्यक्ति को धक्का दिया गया और गर्भपात रोधी कार्यकर्ताओं ने एक महिला को प्रसव पीड़ा के दौरान घेर लिया था। ट्रंप ने हैंडी के साथ ही उनके साथ नौ अन्य लोगों को भी माफ करने का फैसला किया है। इससे पहले ट्रंप कैपिटल हिल दंगे के दोषियों को भी माफ कर चुके हैं।
अमेरिका में गर्भपात क्लीनिक्स के खिलाफ हिंसा तोड़फोड़ का पुराना इतिहास
गर्भपात विरोधी कार्यकर्ताओं ने इन लोगों को माफ करने की अपील की थी। बता दें कि अमेरिका में क्लीनिक प्रवेश अधिनियम नामक एक कानून है। इस कानून को गर्भपात क्लीनिकों को अवरोध और धमकियों से बचाने के लिए डिजाइन किया गया है। साल 1994 में गर्भपात क्लीनिक्स का विरोध और नाकेबंदी की घटनाएं बढ़ रहीं थी। इसी दौरान एक डॉक्टर की हत्या भी कर दी गई थी। उस दौरान यह कानून पारित किया गया था। ट्रंप ने अपने चुनाव अभियान के दौरान ही गर्भपात विरोधी कार्यकर्ताओं को सजा देने के फैसले की आलोचना की थी और ऐसे संकेत दिए थे कि वे सत्ता में लौटे तो गर्भपात विरोधी कार्यकर्ताओं की सजा माफ कर देंगे।