अमेरिका और पाकिस्तान के क्षेत्रीय सुरक्षा के खतरों से निपटने में साझा हित हैं। हम आतंकवाद का मुकाबला करने और अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने लिए पाकिस्तान के प्रयासों के प्रयासों का समर्थन करते हैं। यह कानून के शासन और मानवाधिकार के संरक्षण को बढ़ावा देता है। अमेरिकी विदेश विभाग के उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने मंगलवार को मीडिया ब्रीफिंग के दौरान यह बात कही।
उन्होने कहा, सुरक्षा के मुद्दों पर पाकिस्तान के साथ हमारी साझेदारी में उच्च स्तरीय आतंकवाद-रोधी वार्ता, आतंकवाद वित्तपोषण, आतंकवाद रोधी क्षमता निर्माण और अमेरिका व पाकिस्तान की सेनाओं के बीच संबंधों का समर्थन करना शामिल हैं।
'रफाह में सैन्य अभियान की योजना का समर्थन नहीं करते'
युद्ध विराम, बंधकों की रिहाई के लिए समझौता और रफाह में इस्राइल के जमीनी सैन्य अभियान की योजना को लेकर पटेल ने कहा, हमें अभी तक ऐसी कोई भरोसेमंद योजना नहीं दिखती है, जो क्षेत्र की विभिन्न चिंताओं, खासतौर पर क्षेत्र में गंभीर मानवीय चिंताओं को दूर करने की योजना, को संबोधित करेगी। रफाह एक ऐसा इलाका है जहां दस लाख से ज्यादा लोग शरण लेना चाहते हैं। यह एक ऐसा क्षेत्र है जो मानवीय मदद पहुंचाने के साथ-साथ विदेशी नागरिकों को बाहर निकलने का रास्ता देता है। किसी भी तरह का सैन्य अभियान इन प्रमुख चिंताओं को संबोधित नहीं करता है। इसलिए निश्चित रूप से हमारे द्वारा (रफाह में इस्राइल के सैन्य अभियान) विरोध किया जाएगा। पटेल ने आगे कहा, मैं कोई काल्पनिक बात नहीं कर रहा हूं। इस्राइल में अपने साझेदारों के साथ हमारी बातचीत जारी है। बातचीत सभी स्तरों पर हो रही है। हम उनसे पूछेंगे कि उनकी क्या योजनाएं हो सकती हैं या नहीं हो सकती है।
भारत के सामने अपनी चिंताओं को उठाते रहेंगे: अमेरिका
वॉशिंगटन पोस्ट में खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नूं के हत्या के प्रयास से जुड़ी रिपोर्ट पर उन्होंने कहा, हम भारतीय जांच समिति के काम के परिणामों के आधार पर भारत सरकार सरकार से जवाबदेही की उम्मीद करते हैं। हम नियमित रूप से उनके साथ काम कर रहे हैं और अपडेट पूछ रहे हैं। हम वरिष्ठ स्तर पर भारत सरकार के सामने अपनी चिंताओं की सीधे उठाना जारी रखेंगे।
पन्नू की हत्या की साजिश पर अमेरिकी रिपोर्ट निराधार: भारत
भारत ने वाशिंगटन पोस्ट की उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया, जिसमें आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने में एक भारतीय अधिकारी के नाम का जिक्र है। भारत ने कहा, रिपोर्ट में ऐसे गंभीर मामले पर अनुचित व निराधार आरोप लगाए गए हैं, जिसकी जांच चल रही है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा, संगठित अपराधियों, आतंकियों व अन्य लोगों के नेटवर्क पर अमेरिकी सरकार की ओर से साझा की गई सुरक्षा चिंताओं को देखने के लिए भारत की उच्च स्तरीय समिति जांच कर रही है। ऐसे में काल्पनिक और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियों का कोई लाभ नहीं है। अमेरिकी अखबार का दावा है, अमेरिका में पन्नू की हत्या की साजिश में रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के अधिकारी विक्रम यादव शामिल थे।
साजिश में भारतीय की भूमिका गंभीर मामला : व्हाइट हाउस वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट पर व्हाइट हाउस ने कहा कि वह कनाडा व अमेरिका में दो हत्याओं की साजिश में भारतीय खुफिया सेवा की कथित भूमिका को गंभीर मामला मानता है। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने कहा, हम इसे बहुत गंभीरता से ले रहे हैं और अपनी चिंताएं उठाना जारी रखेंगे।
यूएपीए के तहत भारत में आतंकी घोषित है पन्नू
सिख फॉर जस्टिस नामक संगठन के सरगना पन्नू को भारत सरकार ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत आतंकवादी घोषित किया है। पन्नू के पास अमेरिका और कनाडा दोनों ही देशों की नागरिकता है। वह अमेरिका और कनाडा में खालिस्तान के समर्थन में सिखों को भड़काता है और भारतीय नागरिकों को धमकाता है।