अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) से अमेरिका के बाहर होने के करीब तीन साल बाद कहा है कि उनका देश 2022-24 कार्यकाल के लिए लौटना चाहता है। उन्होंने अमेरिका के इस कदम के पीछे यह तर्क दिया है कि बाइडन प्रशासन लोकतंत्र और मानवाधिकारों को अपनी विदेश नीति के केंद्र में रख रहा है।
बता दें कि जून 2018 में तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका को यूएनएचआरसी से बाहर कर लिया था। उन्होंने इसे ‘पाखंडी और स्व-हित साधने वाला संगठन’ करार दिया, जो इस्राइल के प्रति कभी न खत्म होने वाली शत्रुता दिखाता है।
ब्लिंकेन ने बुधवार को मानवाधिकार परिषद के 46 वें सत्र को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि वह यूएनएचआरसी में लौटने की अमेरिकी कोशिश में संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों का समर्थन चाहते हैं।
उन्होंने कहा, अमेरिका लोकतंत्र और मानवाधिकारों को अपनी विदेश नीति के केंद्र में रख रहा है क्योंकि यह शांति व स्थिरता के लिए जरूरी है और यह मजबूत वादा है। यही कारण है कि मुझे इस बात की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका 2022-24 के लिए यूएनएचआरसी में चुना जाना चाहता है।
ट्रंप का एक और फैसला पलटेगा बाइडन प्रशासन
यूएनएचआरसी में लौटने का बाइडन प्रशासन का यह कदम ट्रंप प्रशासन के एक प्रमुख नीतिगत फैसले को पलट देगा। ब्लिंकेन ने कहा कि वेनेजुएला, निकारागुआ, क्यूबा और ईरान जैसे स्थानों पर मानवाधिकारों का हनन होने के मुद्दे को उठाना अमेरिका जारी रखेगा। उन्होंने कहा, हम रूसी सरकार से अपनी अपील दोहराते हैं कि एलेक्सी नवलनी को बेशर्त फौरन रिहा किया जाए।