व्हाइट हाउस ने एल साल्वाडोर में बंद एक किल्मर अब्रेगो गार्सिया से मुलाकात करने पर अमेरिकी सीनेटर क्रिस वैन होलेन की खुलेआम आलोचना की। व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सीनेटर ने एमएस-13 अवैध विदेशी से मुलाकात की जो कभी वापस नहीं आ रहा है।
निर्वासित अब्रेगो गार्सिया को लेकर इन दिनों अमेरिकी राजनीति में जबरदस्त गर्माहट देखने को मिल रही है। इसी बीच व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को एल साल्वाडोर में बंद एक किल्मर अब्रेगो गार्सिया से मुलाकात करने पर अमेरिकी सीनेटर क्रिस वैन होलेन की खुलेआम आलोचना की। व्हाइट हाउस ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में न्यूयॉर्क टाइम्स की उस खबर पर तंज कसा जिसमें सीनेटर होलेन की अब्रेगो गार्सिया से मुलाकात को कवर किया गया था।
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व्हाइट हाउस ने उस खबर की हेडलाइन को कलम से एडिट करते हुए लिखा कि सीनेटर ने एमएस-13 अवैध विदेशी से मुलाकात की जो कभी वापस नहीं आ रहा है। व्हाइट हाउस द्वारा किए गए पोस्ट में गलती से निर्वासित जैसे शब्दों को हटाकर, अब्रेगो गार्सिया को सीधे तौर पर गिरोह से जुड़ा 'अवैध विदेशी' बताया गया। बता दें कि अब्रेगो गार्सिया को गलती से निर्वासित कर दिया गया था और उसे एल साल्वाडोर की कुख्यात जेल CECOT में रखा गया था।
अमेरिकी अधिकारियों का दावा
वहीं मामले में ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों का दावा है कि अब्रेगो गार्सिया MS-13 गिरोह से जुड़ा है और एक आतंकवादी है। हालांकि, अमेरिका में उसके खिलाफ ऐसा कोई आपराधिक आरोप दर्ज नहीं किया गया है।
सीनेटर वैन होलेन की मुलाकात कैसे हुई?
मैरीलैंड से डेमोक्रेट सीनेटर क्रिस वैन होलेन ने बताया कि उन्होंने अब्रेगो गार्सिया से एक होटल में मुलाकात की, क्योंकि उन्हें जेल में मिलने की इजाजत नहीं दी गई। पहले जब वह जेल गए, तो सैनिकों ने उन्हें 3 किलोमीटर पहले ही रोक लिया। बाद में एल साल्वाडोर के अधिकारी खुद अब्रेगो गार्सिया को होटल में ले आए, जहां सीनेटर ठहरे हुए थे। वहीं सीनेटर होलेन के अनुसार, अब्रेगो गार्सिया ने मामले में कहा कि जेल में रहना उनके लिए बहुत ही दर्दनाक अनुभव था। उन्हें कई हफ्तों तक 25 अन्य लोगों के साथ एक ही कोठरी में बंद रखा गया और किसी से बात करने की इजाजत नहीं थी।