अमेरिकी विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ।
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इस्राइल और हमास के बीच युद्ध जारी है। इस बीच संयुक्त राज्य अमेरिका ने इस्राइल को चेतावनी दी कि अगर इस्राइल अपने सैनिकों को राफा भेजता है तो यह खतरनाक होगा। बता दें, राफा बॉर्डर के पास दस लाख से अधिक शरणार्थी आश्रित हैं। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा था कि उन्होंने सैनिकों को राफा अभियान के लिए तैयार रहने का आदेश दिया है। संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने भी चेतावनी दी है कि राफा में सैन्य अभियान के कारण मानवीय हिंसा हो सकती है।
राफा में देर रात सात इस्राइली हमले
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने कहा कि वाशिंगटन को राफा में इस्राइली सैन्य अभियान का कोई सबूत नहीं मिला है। बिना किसी योजना और जानकारी के राफा में अभियान चलाना बहुत खतरनाक हो सकता है। विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने भी यरुशलम दौरे के बाद नेतन्याहू को वाशिंगटन की चिंताओं से अवगत कराया। मीडिया रिपोर्टों की मानें तो इस्राइल ने राफा में देर रात करीब सात हमले किए। एक फलस्तीनी युवक का कहना है कि इस्राइली हमले इस बात का सबूत है कि यहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। इस्राइली हमले में इनका घर बर्बाद हो गया है।
हमास की मांगों को विचित्र बताते हुए इस्राइल ने किया खारिज
ब्लिंकन ने जोर देकर हाल में कहा था कि अभी भी लड़ाई रोकने और बंधकों कीम रिहाई के लिए समझौते ही गुंजाइश दिख रही है। मिस्र का भी कहना है कि वे भी हमास सहित सभी पक्षों के साथ समझौते की मेजबानी करने के लिए तैयार हैं। बता दें, इस्राइली प्रधानमंत्री ने हाल में ही हमास की मांगों को विचित्र बताते हुए खारिज कर दी थी। फलस्तीन के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि हमास चर्चा के लिए तैयार हैं लेकिन बातचीत बहुत कठिन है।