अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिकी प्रतिबंधों का रूस की अर्थव्यवस्था पर कोई असर नहीं होगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर उन्हें ऐसा लगता है तो अच्छा है। लेकिन छह महीने बाद मैं आपको बताऊंगा कि इसका क्या असर हुआ? देखते हैं, आगे क्या होता है। ट्रंप का यह बयान व्हाइट हाउस द्वारा जारी किया गया है, जो अमेरिका और रूस के बीच हालिया आर्थिक प्रतिबंधों की जंग के बीच आया है।
दरअसल, अमेरिका ने हाल ही में रूस की दो सबसे बड़ी तेल कंपनियों रॉसनेफ्ट और लुकोइल पर सख्त प्रतिबंध लगाए हैं। इसके बाद यूरोपीय संघ ने भी ऊर्जा, शिपिंग और वित्तीय लेनदेन को निशाना बनाते हुए नए आर्थिक प्रतिबंधों का एलान किया। वहीं व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा, "अगर आप रूस पर लगे प्रतिबंधों को देखें और पढ़ें, तो वे काफी कड़े हैं। मैंने कुछ अंतरराष्ट्रीय खबरें देखीं जिनमें बताया गया है कि चीन रूस से तेल खरीद कम कर रहा है; हम जानते हैं कि राष्ट्रपति के अनुरोध पर भारत ने भी ऐसा ही किया है।"
जानिए रूसी राष्ट्रपति पुतिन का बयान?
इससे पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका के इस कदम को 'बैर बढ़ाने वाली कार्रवाई' (unfriendly act) बताया और चेतावनी दी कि इससे वैश्विक तेल कीमतें बढ़ सकती हैं। हालांकि पुतिन ने कुबला कि अमेरिकी प्रतिबंधों के 'कुछ असर' होंगे, लेकिन रूस की अर्थव्यवस्था पर बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा।
मास्को में पत्रकारों से बात करते हुए रूसी राष्ट्रपति ने स्वीकार किया कि गंभीर अमेरिकी प्रतिबंधों के रूस पर निश्चित परिणाम होंगे, लेकिन उन्होंने कहा कि इनका उसकी अर्थव्यवस्था पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा। पुतिन ने ट्रंप को चेतावनी दी है कि रूसी तेल निर्यात पर अंकुश लगाने की कोशिश वैश्विक तेल बाजारों को अस्थिर कर देगी और अमेरिका के खिलाफ इसका उल्टा असर होगा।
उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजारों में भेजे जाने वाले हमारे तेल और तेल उत्पादों की मात्रा में भारी कमी से कीमतें बढ़ेंगी। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को इसका असर महसूस होगा।इसी के साथ पुतिन ने अमेरिकी प्रतिबंधों की निंदा करते हुए इसे एक "अमित्र कार्रवाई" बताया, जो वाशिंगटन के साथ संबंधों को नुकसान पहुंचाएगी और कहा कि मास्को दबाव के आगे नहीं झुकेगा।
फेंटेनाइल तस्करी पर बोले डोनाल्ड ट्रंप
एक अन्य सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि चीन वेंज़ुएला के रास्ते फेंटेनाइल अमेरिका में भेज रहा है, और इस पर अब भारी 20% टैरिफ लगाया गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "वे ऐसा कर रहे हैं। लेकिन अब वे उस पर 20% टैरिफ दे रहे हैं, जिससे अरबों डॉलर का नुकसान हो रहा है। 1 नवंबर से चीन पर यह टैरिफ बढ़कर 157% हो जाएगा, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर होगा। ये उनके लिए टिकाऊ नहीं है।"
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे बताया कि वह दक्षिण कोरिया में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करने वाले हैं और उनकी बातचीत में सबसे पहला मुद्दा फेंटेनाइल का होगा। ट्रंप ने कहा, "मैं राष्ट्रपति शी से मिल रहा हूं। पहला सवाल जो मैं उनसे पूछने जा रहा हूं वह फेंटेनाइल है। वे हमारे देश में फेंटेनाइल बेचकर 100 मिलियन डॉलर कमाते हैं। 20% टैरिफ से उन्हें 100 अरब डॉलर का नुकसान होता है। तो यह एक अच्छा व्यवसाय प्रस्ताव नहीं है। यह उन चीजों में से एक है, जिनके बारे में हम बात कर रहे हैं। वे ऐसा करने के लिए बहुत बड़ा जुर्माना अदा करते हैं। हम देखेंगे कि अगले सप्ताह के अंत में क्या होता है?"