संयुक्त राज्य अमेरिका में हाल ही में हुए राष्ट्रपति चुनाव के परिणाम आने के बाद सत्ता परिवर्तन तय हो गया है। डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडन राष्ट्रपति पद के लिए तो कमला हैरिस उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनी गई हैं। इसके साथ ही दोनों नेताओं ने अपने काम का खाका भी जनता के सामने खींचना शुरू कर दिया है।
सोमवार की शाम कमला हैरिस ने एक ट्वीट करते हुए कहा कि हम तैयार हैं। उन्होंने वर्तमान में व्याप्त समस्याओं और चुनौतियों को उल्लेखित करते हुए कहा कि इन दिक्कतों का सामना करने और जनता के अधिकारों की खातिर लड़ने के लिए अमेरिका की नई सरकार पूरी तरह से तैयार है।
अमेरिका के राष्ट्रपति चुने गए जो बाइडन के प्रशासन के लिए सत्ता में आने के बाद कोविड-19 महामारी नियंत्रण, आर्थिक सुधार, नस्लीय समानता और जलवायु परिवर्तन आदि प्राथमिकता वाले मुद्दे होने जा रहे हैं। उनके और उपराष्ट्रपति चुनी गईं कमला हैरिस के पदग्रहण व प्रशासन बनाने की तैयारियों में जुटी टीम के अनुसार सबसे बड़ी प्राथमिकता देश को कोरोना महामारी से निजात दिलाना है। 20 जनवरी से बाइडन प्रशासन पूर्ण रूप से काम शुरू करेगा।
बाइडन की टीम की वेबसाइट के मुताबिक, चारों मुद्दों पर योजना बनाई जा रही है। देश को कोरोना मुक्त करने के अलावा आर्थिक सुधारों के लिए नई पहल की जाएंगी, जिसमें ट्रेड वार जैसी स्थितियों से निपटने की बात की गई है। वहीं, पेरिस जलवायु समझौते से अमेरिका के अलग होने के हालिया फैसले पर भी पुनर्विचार की बात की गई है। बिडेन प्रशासन की बड़ी प्राथमिकताओं में नस्लवाद बड़ा मुद्दा है।
बता दें कि अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस हिरासत में मौत के बाद पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हुए थे और ट्रंप सरकार को भारी आलोचना का सामना करना पड़ा था। वेबसाइट में बताया गया है कि हर क्षेत्र की नीतियां बनाते समय विज्ञान, जन स्वास्थ्य, विश्वास, पारदर्शिता और समान उद्देश्यों को आधार में रखा जाएगा।
तत्काल चुनौतियां
- नई नौकरियां : कोरोना महामारी में लाखों लोग नौकरियां गंवा चुके हैं। बाइडन प्रशासन के सामने नौकरियों की व्यवस्था करना अहम चुनौती माना जा रहा है।
- सामाजिक समानता : अमेरिका में ब्लैक एंड ब्राउन कहे जाने वाले अफ्रीकी, एशियाई, लातिनी समुदायों को समाज में बराबरी का अधिकार दिलाने का चुनावी वादा बाइडन के प्रति इन समुदाय के आकर्षण की वजह बना। ऐसे में बाइडन को अपने वादे पूरे करने के लिए बेहतरीन योजना बनानी होगी।
- अर्थव्यवस्था : कोरोना महामारी और उसके पहले विभिन्न प्रतिबंधों से लड़खड़ाई अमेरिकी अर्थव्यवस्था को फिर से स्थापित करना बाइडन प्रशासन के लिए अहम है। यहां औद्योगिक उत्पादन गिरा है, कंपनियों का कैश इन हैंड घटा है, कई रेस्त्रां-होटल बंद हो चुके हैं, यहां तक की चाइल्ड केयर सेंटर तक बंद हैं। इन सभी को उबारना अर्थव्यवस्था उबरने के संकेत माने जाएंगे, जो बाइडन प्रशासन की प्राथमिकता में है।
चीन में तकनीकी कंपनियां ले रहीं राहत की सांस, लेकिन चिंताएं बरकरार
चीन की तकनीकी कंपनियों ने बाइडन की जीत पर राहत की सांस ली है। उन्हें उम्मीद है कि ट्रंप की नीतियों को त्याग कर अब अमेरिका कारोबारी संबंध सुधारने पर जोर देगा। जिनझियांग विश्वविद्यालय के प्रो. फांग झिंगडोंग के मुताबिक, अमेरिका फिर से खुले व्यापार पर जोर देगा, जो चीन के हित में है। हालांकि उच्च तकनीकी क्षेत्रों में प्रतियोगिता बनी रहेगी। वहीं कई अन्य जानकारों के अनुसार ट्रंप के सख्त कदम से अमेरिका ने खुद पर निर्भर रहने का महत्व समझा है, ऐसे में चीनी कंपनियों के लिए आगे का रास्ता आसान नहीं होगी।