फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

China: पूर्वी तुर्किस्तान में नरसंहार के खिलाफ उइगर नेताओं ने उठाई आवाज, दुनिया से की चीन पर कार्रवाई की अपील

Sat, 27 Apr 2024 08:04 AM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

पूर्वी तुर्किस्तान में चीन द्वारा अत्याचार और मानवता के खिलाफ अपराध किए जा रहे हैं। इन अपराधों में सामूहिक नजरबंदी, जबरन मजदूरी और लगभग 10 लाख तुर्क बच्चों को जबरन अलग करना शामिल है।
विज्ञापन
नरसंहार के खिलाफ उइगर नेताओं ने उठाई आवाज (संकेतात्मक तस्वीर) - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उइगर तुर्क जाति की एक जनजाति है। ये लोग पूर्वी और मध्य एशिया में बसते हैं। उइगरों के खिलाफ चल रहे नरसंहार और चीन द्वारा किए गए अपराधों को संबोधित करते हुए उइगर अधिकार नेताओं ने तत्काल वैश्विक कार्रवाई का आह्वान किया है। ये आह्वान पूर्वी तुर्किस्तान क्षेत्र में कजाख, किर्गिज और अन्य तुर्क जातीय समूहों के लिए किया गया है।

विज्ञापन


बता दें, पिछले साल 22 अप्रैल को अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा मानवाधिकार रिपोर्ट जारी करने के बाद उइगर नेताओं ने आवाज उठाई है।

वैश्विक कार्रवाई का आह्वान
निर्वासित पूर्वी तुर्किस्तान सरकार (ईटीजीई) ने एक बयान में कहा, 'सरकार ने नरसंहार को संबोधित करने के लिए तत्काल और पर्याप्त वैश्विक कार्रवाई का आह्वान किया है। कहा गया है कि चीन द्वारा उइगर, कजाख, किर्गिज और अन्य तुर्क जातीय समूह के खिलाफ अपराध किए जा रहे हैं।'

मानवता के खिलाफ अपराध किए जा रहे
अमेरिकी विदेश सचिव एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि रिपोर्ट में बताया गया है कि पूर्वी तुर्किस्तान (जिसे बीजिंग 'झिंजियांग' कहता है) में चीन द्वारा अत्याचार और मानवता के खिलाफ अपराध किए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि इन अपराधों में सामूहिक नजरबंदी, जबरन मजदूरी और लगभग 10 लाख तुर्क बच्चों को जबरन अलग करना शामिल है।
विज्ञापन


पीपुल्स वॉर नरसंहार एक व्यापक अभियान में बदला
साल 2014 में चीनी सरकार ने उग्रवाद, अलगाववाद और आतंकवाद का मुकाबला करने की आड़ में पूर्वी तुर्किस्तान में उइगर और अन्य तुर्क लोगों पर पीपुल्स वॉर शुरू किया। बाद में साल 2016 तक यह तथाकथित पीपुल्स वॉर नरसंहार एक व्यापक अभियान में बदल गया था।

कजाख, किर्गिज की सामूहिक नजरबंदी
विशेष रूप से, चीन के नरसंहार अभियान और अपराधों के प्रमुख पहलू में लाखों उइगर, कजाख, किर्गिज की सामूहिक नजरबंदी शामिल है। जो जुल्म उनपर किए गए उसमें तुर्क लोगों को एकाग्रता शिविरों में रखना शामिल है। ये वह शिविर हैं, जिन्हें तेजी से आधिकारिक जेलों में परिवर्तित किया जा रहा है। इसमें सैकड़ों-हजारों उइगर और अन्य तुर्क महिलाओं की जबरन नसबंदी और लाखों की गुलामी शामिल है।

चीनी पुरुषों के साथ कराई जा रही जबरन शादी
इसके अलावा, अन्य पहलुओं में चीनी पुरुषों के साथ तुर्क महिलाओं की जबरन शादी, हजारों सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों का व्यापक विनाश, धार्मिक प्रथाओं का दमन, शिक्षा में देशी तुर्क भाषाओं पर प्रतिबंध और लगभग दस लाख उइगर और अन्य तुर्क बच्चों को जबरन अलग करना शामिल है।

अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से निंदा से आगे बढ़ने का आग्रह
इन अपराधों के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया काफी हद तक मौखिक निंदा तक ही सीमित रही है। ईटीजीई के विदेश मंत्री सलीह हुदियार का कहना है कि चीनी सरकार और सीसीपी पूर्वी तुर्किस्तान पर अपने औपनिवेशिक कब्जे को बनाए रखने के लिए मानवता के खिलाफ नरसंहार और अपराधों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ईटीजीई ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से प्रमुख लोकतांत्रिक देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से केवल निंदा से परे आगे बढ़ने का आग्रह किया।
विज्ञापन

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें