अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
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अमेरिका की वर्जीनिया यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन के दबाव में विश्वविद्यालय के अध्यक्ष जेम्स रेयान को पद छोड़ना पड़ा है। जेम्स रेयान सरकार के आदेश के बावजूद विविधता, समानता और समावेश प्रोग्राम को खत्म करने में विफल रहे, जिसके बाद न्याय विभाग ने जेम्स रेयान पर पद छोड़ने का दबाव बनाया।
2018 से अध्यक्ष पद पर थे जेम्स रेयान
जेम्स रयान साल 2018 से वर्जीनिया यूनिवर्सिटी का नेतृत्व कर रहे थे। उनका पद छोड़ना उच्च शिक्षा को नया रूप देने के ट्रंप प्रशासन की कोशिशों को दिखाता है। ट्रंप प्रशासन द्वारा आईवी लीग स्कूलों को निशाने पर लिया जा रहा है, इससे सरकार की विविधता, समानता और समावेशी कार्यक्रम के खत्म करने की आक्रामकता दिखती है। हालांकि न्याय विभाग ने अध्यक्ष पर किसी तरह का दबाव बनाने से इनकार किया।
ट्रंप ने कनाडा के साथ टैरिफ समझौते पर बातचीत रोकी
ट्रंप ने कनाडा के साथ टैरिफ समझौते पर बातचीत शुक्रवार को एकतरफा रूप से रोकने की घोषणा की। उन्होंने कहा, कनाडा ने अमेरिकी तकनीकी फर्मों पर नए टैक्स लगाकर खुला हमला किया है। इसलिए उसके साथ व्यापार समझौते की सारी बातचीत रोकी जा रही है और अगले सप्ताह तक वह कनाडा पर नए टैरिफ की घोषणा करेंगे।
संघीय अदालत ने ट्रंप प्रशासन की दी राहत
संघीय अपीलीय अदालत ने शुक्रवार को अपने एक फैसले से ट्रंप प्रशासन को बड़ी राहत दी। दरअसल संघीय अदालत ने निचली अदालत के फैसले पर रोक लगा दी, जिसने ट्रंप प्रशासन के यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस को खत्म करने के आदेश को रोक दिया था। तीन जजों के पैनल द्वारा अपने आदेश में कहा गया कि गैर लाभकारी थिंक टैंक यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस का जो काम है कि शांति को बढ़ावा देना, वह कार्यकारी शाखा का काम है। यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस को मार्च में ही सरकारी दक्षता विभाग द्वारा अधिग्रहित कर लिया गया था। अब संघीय अदालत के फैसले के बाद संस्थान का भविष्य सवालों के घेरे में आ गया है।