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US: ‘रईसी के हाथ लोगों के खून से सने थे’, चॉपर हादसे की जांच में ईरान की मदद नहीं करेगा अमेरिका; बताई वजह

Tue, 21 May 2024 04:34 PM IST
मिथिलेश नौटियाल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

US: ईरान ने हेलीकॉप्टर क्रैश मामले की जांच करने के लिए अमेरिका से मदद मांगी है। उधर अमेरिका ने साफ तौर पर कहा है कि हादसे की जांच में ईरान की सहायता नहीं की जाएगी।

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राहत-बचाव दल दुर्घटना वाली जगह से मृतकों के शव निकालते - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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ईरान की सरकार ने हेलीकॉप्टर क्रैश मामले की जांच करने के लिए अमेरिका से मदद मांगी है। उधर अमेरिका के एक वरिष्ठ राजनयिक का कहना है कि वॉशिंगटन द्वारा इस हादसे की जांच में ईरान की सहायता नहीं की जाएगी। बता दें कि एक दर्दनाक हेलीकॉप्टर हादसे में ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी और ईरान के विदेश मंत्री समेत छह अन्य लोगों की मौत हो गई थी। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के संभावित उत्तराधिकारी रईसी, विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियन और छह अन्य लोग कोहरे में हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद मृत पाए गए थे। दो प्रमुख नेताओं की मौत के बाद मध्य पूर्व में तनाव बढ़ रहा है।

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जांच में मदद नहीं करेगा अमेरिका- मैथ्यू मिलर 
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर का कहना है कि ईरान ने इस हादसे की जांच में मदद के लिए अमेरिका से अनुरोध किया था। मिलर ने कहा कि रसद आपूर्ति के कारण अमेरिका इस हादसे की जांच में मदद करने में सक्षम नहीं है। उन्होंने कहा ‘मैं पूरी जानकारी तो नहीं दूंगा लेकिन, ईरान की सरकार ने हमसे सहायता मांगी थी। हम सहायता प्रदान करने में सक्षम नहीं हैं।’ 

‘रईसी के हाथ लोगों के खून से सने थे’
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मिलर के अनुसार, अमेरिका ने साफ तौर पर कहा है कि रईसी न लगभग चार दशकों तक ईरान के लोगों का दमन किया। मिलर ने कहा ‘एक न्यायाधीश और राष्ट्रपति के रूप में इन तथ्यों को नहीं बदला जा सकता कि रईसी के हाथ खून से सने थे। ईरान के प्रति हमारा दृष्टिकोण नहीं बदलेगा। हम ईरान के लोगों को उनके मानवाधिकारों रक्षा के लिए समर्थन देते रहेंगे।’ मिलर ने पूर्व ईरानी विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ का भी जवाब दिया। जरीफ ने इस घटना के लिए अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को दोषी ठहराया था।
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अमेरिका में तैयार किए गए थे बेल 212 हेलीकॉप्टर
बता दें कि दुर्घटना में बेल 212 हेलीकॉप्टर में सवार सभी आठ लोगों की मौत हो गई, जिसे ईरान ने 2000 के दशक की शुरुआत में खरीदा था।मिलर ने कहा कि 45 साल पुराने हेलीकॉप्टर को खराब मौसम में उड़ाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए ईरान की सरकार ही जिम्मेदार है। बेल हेलीकॉप्टरों का निर्माण संयुक्त राज्य अमेरिका में किया गया था। इसने पहली बार 1968 में उड़ान भरी थी।

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