अमेरिका, यूक्रेन और यूरोपीय देशों ने मियामी में छह घंटे तक बैठक कर युद्ध खत्म करने के लिए साझा प्रस्ताव तैयार करने पर चर्चा की। इसमें यूक्रेन की सुरक्षा, आर्थिक पुनर्निर्माण और क्षेत्रीय विवाद जैसे मुद्दे शामिल रहे। इस बीच, ट्रंप ने रूस से डीजल आपूर्ति समझौते की घोषणा की, जिसका जेलेंस्की ने विरोध किया। पुतिन ने भी फिलहाल शांति वार्ता तुरंत शुरू होने की संभावना कम बताई है।
अमेरिका, यूक्रेन और यूरोपीय देशों के वार्ताकारों ने शुक्रवार को मियामी में छह घंटे तक बातचीत की। इसका मकसद यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए एक साझा प्रस्ताव तैयार करना है। बातचीत से जुड़े एक व्यक्ति ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया है कि आने वाले कुछ हफ्तों में इस प्रस्ताव पर सहमति बनाने की कोशिश है और इसे रूस के सामने रखा जा सकता है। वार्ताकार चाहते हैं कि सर्दियां आने से पहले युद्ध खत्म करने की दिशा में कोई बड़ी सफलता मिले।
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बैठक में सुरक्षा और यूक्रेन के भविष्य पर चर्चा
इस बातचीत में अमेरिका की ओर से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शामिल हुए। उनके साथ यूक्रेन, यूरोपीय देशों और नाटो के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। बैठक में युद्ध के बाद यूक्रेन की सुरक्षा के लिए अमेरिका और यूरोप की गारंटी, उसकी अर्थव्यवस्था को दोबारा खड़ा करने की योजना और यूरोपीय संघ में शामिल होने की राह पर चर्चा हुई। इसके अलावा, क्षेत्रीय विवाद और यूरोप-रूस के बीच भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे भी उठे। हालांकि, क्षेत्रीय विवाद पर हुई बातचीत का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है।
रूस से कब्जाए गए इलाके छोड़ने की मांग कर रहा यूक्रेन
यूक्रेन लगातार मांग करता रहा है कि रूस संघर्ष के दौरान कब्जाए गए इलाकों को छोड़ दे। वहीं, ट्रंप का कहना है कि युद्ध खत्म करने के लिए रूस और यूक्रेन दोनों को समझौता करना होगा। मियामी में हुई बैठक में वार्ताकारों ने इन मुद्दों पर भी चर्चा की। हालांकि, अभी तक साझा प्रस्ताव पर सहमति बनने या रूस के इसे स्वीकार करने की कोई जानकारी नहीं दी गई है।
रूस से डीजल समझौते पर जेलेंस्की ने जताई नाराजगी
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रूस वैश्विक बाजारों में डीजल की आपूर्ति करने पर सहमत हो गया है। इसका मकसद ईंधन की कीमतें कम करने में मदद करना है। ट्रंप की घोषणा के साथ ही अमेरिकी प्रशासन ने रूसी ईंधन पर लगे प्रतिबंध भी हटा दिए। ये प्रतिबंध रूस को युद्ध के लिए राजस्व जुटाने से रोकने के उद्देश्य से लगाए गए थे। इस फैसले की अमेरिकी सांसदों और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने आलोचना की। जेलेंस्की ने कहा, 'यह सारा पैसा लोगों के खिलाफ, यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में जाता है। मेरा मानना है कि हमारी टीम का इस्तेमाल सिर्फ ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है। यह निश्चित रूप से उचित नहीं है।'
पुतिन ने शांति वार्ता पर क्या कहा?
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ट्रंप से फोन पर बातचीत के बाद कहा कि फिलहाल शांति वार्ता तुरंत दोबारा शुरू होने की संभावना कम है। उन्होंने इसके पीछे मॉस्को पर यूक्रेन के ड्रोन हमलों का हवाला दिया। ऐसे में एक ओर अमेरिका, यूक्रेन और यूरोपीय देश युद्ध खत्म करने के लिए साझा प्रस्ताव तैयार करने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर रूस के रुख से बातचीत में तत्काल सफलता मिलने की उम्मीद कम नजर आ रही है।