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Islam: 'इस्लामी विचारधारा से अमेरिका को खतरा', यूएस खुफिया विभाग की निदेशक तुलसी गबार्ड का बड़ा बयान

Sun, 21 Dec 2025 11:40 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

अमेरिका के खुफिया विभाग की निदेशक तुलसी गबार्ड ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि अमेरिका को इस्लामी विचारधारा से खतरा है। उन्होंने कहा कि देश में शरिया कानून लागू होने की मांग की जा रही है और मौलवी युवाओं को कट्टरपंथी बना रहे हैं। 
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तुलसी गबार्ड - फोटो : fb/tulsigabbard
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विस्तार
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अमेरिका में वार्षिक अमेरिका फेस्ट या एमफेस्ट 2025 सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन को अमेरिका की डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस तुलसी गबार्ड ने भी संबोधित किया। अपने संबोधन में तुलसी गबार्ड ने इस्लाम और  इस्लामी विचारधारा को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस्लामी विचारधारा अमेरिका के लिए बड़ा खतरा है। 
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तुलसी गबार्ड ने कहा- युवाओं को कट्टरपंथी बनाया जा रहा
तुलसी गबार्ड ने अपने संबोधन में कहा, 'इस्लामी विचारधारा के खतरे कई रूपों में हमारे सामने आ रहे हैं। जब क्रिसमस आ रहा है तो जर्मनी में इस्लामी विचारधारा के खतरे के चलते ही क्रिसमस बाजार रद्द किए जा रहे हैं। मिशिगन, मिनयापोलिस, मिनेसोटा में मौलवी खुलेआम इस इस्लामी विचारधारा को बढ़ावा दे रहे हैं और युवाओं को कट्टरपंथी बना रहे हैं।' तुलसी गबार्ड ने कहा, 'इस साल की शुरुआत में इस्लामिक संगठनों की एक बैठक हुई थी, जिसमें अमेरिका में कई जगहों पर शरिया कानून लागू करने की मांग की गई थी। ह्यूस्टन जैसी जगह पर ये पहले से ही लागू है। ये हमारी सीमाओं में पहले से ही लागू है। पैटरसन, न्यूजर्सी अपने आप को पहला मुस्लिम शहर बताने में गर्व महसूस करता है। इस्लामी कानूनों को लोगों पर थोपने की कोशिश हो रही है।' 

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'अमेरिका को इस्लामी विचारधारा से गंभीर खतरा'
तुलसी गबार्ड ने कहा कि जब हम इस्लामी विचारधारा के खतरे की बात कर रहे हैं तो बता दें कि इस्लामी विचारधारा में किसी के लिए कोई आजादी नहीं होगी। चार्ली किर्क ने कहा था कि हमारे देश में हर किसी की आजादी एक मूलभूत अधिकार है, क्योंकि ये हमें भगवान से मिली है। हम इस इस्लामी विचारधारा के खतरे को अच्छी तरह से समझते हैं, जो अल्लाह के अलावा किसी और भगवान के अस्तित्व से ही इनकार करते हैं। 


 
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