अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जो बइडन के बीच बुधवार को दो घंटे तक बैठक हुई। बैठक के बाद व्हाइट हाउस ने बयान जारी कर कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका में सत्ता का हस्तांतरण व्यवस्थित और शांतिपूर्वक होगा।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन जीन-पियरे ने पत्रकारों से कहा कि राष्ट्रपति बाइडन ने डोनाल्ड ट्रंप के साथ ओवल ऑफिस में लगभग दो घंटे तक मुलाकात की। उन्होंने कहा कि बैठक में व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ जेफ जिएंट्स और आने वाले चीफ ऑफ स्टाफ सूसी विल्स भी शामिल हुए। यह एक सार्थक बैठक थी और विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
नीतिगत मुद्दों पर हुई चर्चा
पियरे ने बताया कि उन्होंने देश और दुनिया के सामने मौजूद महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सुरक्षा और घरेलू नीतिगत मुद्दों पर चर्चा की। राष्ट्रपति बाइडन ने कांग्रेस की टू-डू सूची में महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया, जिसमें सरकार को वित्तपोषित करना और राष्ट्रपति द्वारा अनुरोधित आपदा पूरक निधि प्रदान करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि आखिरकार, राष्ट्रपति ने वही दोहराया जो उन्होंने चुनाव के अगले दिन नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप से और पिछले हफ्ते रोज गार्डन में अमेरिकी लोगों से कहा था कि हमारे पास एक व्यवस्थित संक्रमण और सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण होगा।
वहीं एक सवाल के जवाब में जीन-पियरे ने कहा कि बाइडन प्रशासन आगे बढ़ने का इरादा रखता है। हम लोगों की इच्छा का सम्मान करते हैं। जैसा कि आप जानते हैं, पिछले सप्ताह चुनाव हुए थे और अमेरिकी लोगों ने अपनी बात रखी थी। इसलिए राष्ट्रपति यह सुनिश्चित करेंगे कि हम इस प्रक्रिया में अमेरिकी लोगों के लिए सम्मानजनक तरीके से आगे बढ़ें और एक उदाहरण प्रस्तुत करें।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ने पिछले सप्ताह के नेतृत्व में यह दिखाया है। इसलिए आप यही सुनेंगे। हम इस प्रशासन में बचे हुए 68 दिनों में यही करना जारी रखेंगे।
जेक सुलविन ने दी जानकारी
वहीं इस मामले में अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने संवाददाताओं से कहा कि भू-राजनीति में बदलाव एक महत्वपूर्ण क्षण होता है। उन्होंने कहा, "यह ऐसा समय होता है जब प्रतिस्पर्धी और विरोधी संभावित अवसर देख सकते हैं, क्योंकि सरकार में बदलाव हो रहा है।