अमेरिका यूरोप में उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के अभियानों के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले विमानों और युद्धपोतों की संख्या में बड़ी कटौती करने की योजना बना रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
किन सैन्य संसाधनों पर पड़ेगा असर?
रिपोर्ट में यूरोप के दो वरिष्ठ अधिकारियों और जून की शुरुआत में सहयोगी देशों के साथ साझा किए गए एक लिखित दस्तावेज का हवाला देते हुए कहा गया है कि इस प्रस्तावित कटौती का असर नाटो के अभियानों में इस्तेमाल होने वाले अहम सैन्य संसाधनों पर पड़ेगा। इनमें लड़ाकू विमान, निगरानी विमान, ईंधन भरने वाले टैंकर विमान और नौसैनिक तैनाती शामिल हैं।
लड़ाकू विमानों की संख्या घटेगी
प्रस्तावित कटौती के तहत एफ-16 और एफ-15ई लड़ाकू विमानों की संख्या करीब 150 से घटाकर 100 की जाएगी। समुद्री निगरानी विमानों की संख्या 26 से घटाकर 15 कर दी जाएगी। इसके अलावा, यूरोप के लिए उपलब्ध सभी आठ हवाई ईंधन भरने वाले टैंकर विमानों को हटा लिया जाएगा।
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युद्धपोत और पनडुब्बी भी हटेंगी
इसमें मिसाइल दागने वाली एक पनडुब्बी और एक विमानवाहक पोत को भी दूसरी जगह भेजना शामिल है। इसके साथ ही कई युद्धपोतों और विमानवाहक पोत मिशनों से जुड़े दर्जनों विमानों को भी हटाया जाएगा। यूरोप की रक्षा के लिए पहले से तैनात दो बमवर्षक समूहों में से एक को भी दूसरी जगह भेजे जाने की संभावना है।
नाटो की क्षमता पर असर संभव
अमेरिकी अखबार के अनुसार, इन बदलावों से नाटो की लंबी दूरी तक हमला करने और निगरानी करने की क्षमता सीमित हो सकती है। इसमें रूसी पनडुब्बियों की गतिविधियों पर नजर रखना और जरूरत पड़ने पर लंबी दूरी की मिसाइल हमले करना भी शामिल है।
पेंटागन ने नहीं दी समय-सीमा
पेंटागन ने अभी तक इस कटौती की समय-सीमा की सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की है। उसने आंकड़ों पर टिप्पणी करने से इनकार किया और केवल यूरोप में अपनी सैन्य प्रतिबद्धताओं को समायोजित करने संबंधी अमेरिकी यूरोपीय कमान के सामान्य बयान का हवाला दिया।
'नाटो 3.0' रणनीति का हिस्सा
अमेरिका की यूरोपीय कमान ने कहा कि अमेरिका ने नाटो सहयोगियों को सूचित कर दिया है कि वह 2026 की राष्ट्रीय रक्षा रणनीति और 'नाटो 3.0' की परिकल्पना के तहत व्यापक जिम्मेदारी साझा करने की नीति के हिस्से के रूप में नाटो फोर्स मॉडल में अपने योगदान को 'उचित आकार' देगा।
यूरोपीय देशों को उठानी होगी ज्यादा जिम्मेदारी: अमेरिका
अमेरिकी वायुसेना के जनरल एलेक्सस जी. ग्रिनकेविच अमेरिकी यूरोपीय कमान के कमांडर हैं। उन्होंने कहा, नाटो फोर्स मॉडल में अमेरिकी सैन्य बलों पर अत्यधिक और अनुचित निर्भरता रही है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बदलावों का मकसद नाटो की रक्षा योजना को अधिक यथार्थवादी बनाना है। यह पहल अमेकिता ते युद्ध नीति मामलों के लिए अवर सचिव एल्ब्रिज कोल्बी के नेतृत्व में की जा रही है। उनका तर्क है कि अमेरिका के यूरोपीय सहयोगियों और कनाडा को महाद्वीप की पारंपरिक रक्षा की अधिक जिम्मेदारी उठानी चाहिए।