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ईरान तनाव के बीच यूएई को बड़े हथियार बेचेगा अमेरिका, 23.37 अरब डॉलर की रक्षा बिक्री को दी मंजूरी

Thu, 12 Nov 2020 04:52 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, वाशिंगटन
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अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात के बीच रक्षा सौदा - फोटो : iStock
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अमेरिका ने संयुक्त अरब अमीरात को उन्नत रक्षा क्षमताओं के लिए 23.37 अरब डॉलर की बिक्री को मंजूरी दे दी है। इसमें एफ-35 लड़ाकू विमान, एमक्यो-9बी मानव रहित हवाई प्रणाली और हवा से हवा तथा हवा से जमीन पर हमला करने का पैकेज शामिल है। ईरान के विरुद्ध यूएई को मजबूती देने के लिए इसे एक बड़ा सौदा माना जा रहा है।

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ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी संसद को इस बारे में मंगलवार को सूचित किया। जबकि डेमोक्रेटों ने इस सौदे पर कुछ सवाल उठाए थे। विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने इस बिक्री पैकेज की घोषणा करते हुए बताया कि इसमें 10.4 अरब डॉलर के 50 एफ-35 जेट, 2.97 अरब डॉलर के 18 एमक्यू-9 बी ड्रोन और 10 अरब डॉलर के युद्ध के सामान शमिल है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बिक्री अमेरिकी सहयोगियों के साथ यूएई को और भी अधिक सक्षम बनाएगी। यह बिक्री इस्राइल की गुणात्मक सैन्य बढ़त सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के अनुरूप है।


इस्राइल की आपत्ति के कारण लटकी थी डील 
यूएई पिछले कई साल से अमेरिका के एफ-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान को खरीदना चाहता था। लेकिन, इस्राइल की आपत्ति के कारण यह डील लटकी हुई थी। कुछ महीने पहले ही यूएई ने इस्राइल के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किया है। हाल में ही यूएई, बहरीन और सूडान ने इजरायल के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके बाद इसे अमेरिका में मंजूरी मिली है।
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ईरान से निपटने की तैयारी 
पोम्पियो ने कहा कि यूएई को ईरान से खतरा है। इसलिए हम उसे हथियार देकर शक्तिशाली बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह डील हमारे गहन संबंधों और यूएई को ईरान से बढ़ रहे खतरों के खिलाफ बचाव के लिए उन्नत रक्षा क्षमताओं की आवश्यकता की मान्यता देता है। ट्रंप चाहते हैं कि उनके बचे हुए कार्यकाल के अंदर ही सभी लंबित समझौतों को अंतिम रूप दे दिया जाए।

ईरान और यूएई में तनाव चरम पर
अमेरिका, यूएई और इस्राइल का ईरान से तनाव चरम पर है। ईरान ने इस्राइल के साथ शांति समझौते को लेकर यूएई को खुलेआम धमकी भी दी थी। यूएई सुन्नी बहुल देश है, जबकि ईरान खुद को शियाओं का हिमायती बताता है। यह भी दोनों देशों के बीच विवाद का बड़ा कारण है।

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