डोनाल्ड ट्रंप-नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
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अमेरिकी सांसदों ने भारत के साथ रणनीतिक साझीदारी को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में एक महत्वपूर्ण विधेयक पेश किया है। अगर यह विधेयक पारित हो जाता है तो नया कानून यह सुनिश्चित करेगा करेगा कि अमेरिका शस्त्र निर्यात नियंत्रण अधिनियम के उद्देश्यों के अंतर्गत भारत को नाटो का सहयोगी माना जाए। यह रक्षा सौदों के लिए मजबूत संकेत देगा कि भारत को प्राथमिकता दी जाए।
इस विधेयक की संख्या एचआर 2123 है और इसे इस सप्ताह कांग्रेस सदस्य विल्सन ने पेश किया। विल्सन विदेश मामलों की समिति के एक वरिष्ठ सदस्य हैं। इस समूह में शामिल दूसरे लोगों में तुलसी गैबार्ड प्रमुख हैं। विल्सन ने कहा कि नया अमेरिकी कानून हिंद-प्रशांत रणनीति सहयोग मंच में अमेरिका की सुरक्षा प्रतिबद्धता को बढ़ावा देगा।
पाक को मिलने वाली सहायता की समीक्षा करेगा अमेरिका
अमेरिका ने कहा कि वह पाकिस्तान को दी जाने वाली सहायता की समीक्षा कर रहा है और इसे जल्द ही अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। कांग्रेस (संसद) की एक बैठक में यूएसएड के प्रशासक मार्क ग्रीन ने हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के सदस्यों को बताया, ‘हम पाकिस्तान को दी जाने वाली अमेरिकी सहायता की समीक्षा कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि जल्द ही इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा।’
पाकिस्तान की ओर से अपनी धरती पर सक्रिय हक्कानी नेटवर्क और तालिबान जैसे आतंकवादी समूहों के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई न करने से ट्रंप प्रशासन नाराज है। इसलिए अमेरिका ने पिछले साल सितंबर में पाकिस्तान को सैन्य सहायता के रूप में दी जाने वाली 30 करोड़ अमेरिकी डालर की सहायता राशि को रोक दिया था।