परीक्षण की शुरुआत 625वें स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस स्क्वाड्रन की टीम ने एयरबोर्न लॉन्च कंट्रोल सिस्टम से की। यह सिस्टम मिसाइल कमांड और कंट्रोल का बैकअप काम करता है। इससे यह देखा गया कि यह सिस्टम सही से काम कर रहा है या नहीं। कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल कैरी रे ने कहा कि यह परीक्षण सिर्फ मिसाइल लॉन्चिंग के लिए नहीं, बल्कि पूरे आईसीबीएम सिस्टम की क्षमता जांचने के लिए था। यह इसका नियमित परीक्षण था।
मिसाइल ने 6759 किमी दूरी तय की
मिनटमैन-3 मिसाइल लगभग 4,200 मील (6759 किमी) की दूरी तय करके मार्शल आइलैंड्स के रोनाल्ड रीगन बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस टेस्ट साइट तक पहुंची। यहां मौजूद रडार और सेंसर के जरिये मिसाइल की परफॉमेंस का डेटा इकट्ठा किया गया। परीक्षण में एयरफोर्स कमांड की तीनों मिसाइल विंग के एयरमेन और वायोमिंग के एफई वॉरेन एयरफोर्स बेस के मेंटेनेंस स्टाफ ने भी सहयोग किया।
50 साल पुरानी है मिसाइल
यह मिसाइल लगभग 50 साल पुरानी है, इसका नया संस्करण सेंटिनल आईसीबीएम अभी तैयार नहीं हुआ है। जैसे-जैसे अमेरिका अपनी मिसाइल प्रणाली को नए एलजीएम-35ए सेंटिनल सिस्टम में बदल रहा है, मिनटमैन-3 की तैयारी और भरोसेमंदी बनाए रखना भी जरूरी है। जनरल एलएल डेविस ने कहा कि परीक्षण से साबित होता है कि मिनटमैन-3 अब भी सही और भरोसेमंद है।