अमेरिका ने पश्चिम एशिया संघर्ष को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए पाकिस्तान के जरिये नया युद्धविराम प्रस्ताव भेजा है। अल अरबिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले से जुड़े कूटनीतिक सूत्रों ने यह जानकारी दी है। ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को शत्रुओं को निष्क्रिय करने वाले नेता के रूप में पेश किया है। उसने कहा, शत्रु बेअसर हो गए हैं और न्याय जरूर मिलेगा। अमेरिका ने पश्चिम एशिया संघर्ष की स्थायी समाप्ति के लिए पाकिस्तान के जरिये एक नया युद्धविराम प्रस्ताव भी रखा है। ईरान इसकी समीक्षा कर रहा है। इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने दो टूक कहा, हम किसी भी दबाव की परवाह किए बिना अपने हितों की रक्षा करेंगे।
प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा ईरान
ईरान इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। लेकिन अब तक उसने कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है। दोनों पक्षों के बीच मतभेद कम करने के लिए मध्यस्थ लगातार कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच, पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने ईरान यात्रा का प्लान बनाया है।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
इससे पहले ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा था कि ईरान अमेरिका के साथ अच्छी नीयत से बातचीत कर रहा है। लेकिन उसे अमेरिका पर अब भी गहरा शक है। ईरान के सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के मुताबिक, बघाई ने कहा कि ईरान को उसके 14 सूत्रीय प्रस्ताव पर अमेरिका का जवाब मिल गया है और उसकी समीक्षा की जा रही है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी की तेहरान यात्रा का मकसद दोनों पक्षों के बीच बातचीत को आसान बनाना है।
सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना मकसद: इस्माइल बघाई
बघाई ने कहा, इस समय हमारी प्राथमिकता लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना है। ईरान ने अपनी मुख्य मांगों में जमा फंड जारी करने, समुद्री रास्तों में कथित बाधाएं खत्म करने और ईरानी जहाजों को निशाना बनाने वाली कार्रवाइयों को रोकने की बात कही है।
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'गहरे अविश्वास वाला बातचीत का माहौल'
उन्होंने दोहराया कि तेहरान पूरी गंभीरता और अच्छी भावना के साथ बातचीत कर रहा है। लेकिन अमेरिका को भी ईमानदारी दिखानी होगी। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में वॉशिंगटन का रिकॉर्ड बहुत खराब रहा है, इसलिए 'गहरे अविश्वास' वाला बातचीत का माहौल है। उन्होंने कहा, हमारी नजरें खुली हैं और हमारी सेना पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान किसी भी तरह का भरोसा जताए बिना भी बातचीत जारी रखेगा।
अराघची ने मोहसिन नकवी से मुलाकात की
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी से मुलाकात की। नकवी इस सप्ताह दूसरी बार तेहरान पहुंचे और उन्होंने ईरान के गृह मंत्री तथा राष्ट्रपति से बातचीत की। आईएसएनए की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने नकवी के साथ बैठक में क्षेत्रीय हालात, ईरान-अमेरिका के अप्रत्यक्ष वार्ता और कूटनीतिक प्रयासों पर चर्चा की।
शांति समझौते में क्यों दिलचस्पी ले रहा पाकिस्तान?
वहीं, इस्राइली मीडिया संस्थान सी14 ने दावा किया कि पाकिस्तान की शांति समझौते में दिलचस्पी उसकी आर्थिक मुश्किलों से जुड़ी है। रिपोर्ट में कहा गया कि ईरान और पाकिस्तान के बीच ऐसी समझ बनी है, जिसके तहत पाकिस्तान ईरान को बेहतर समझौता दिलाने में मदद करेगा। इसके बदले ईरान प्रतिबंधों में राहत और संभावित समझौते के बाद मिलने वाले फंड के जरिये पाकिस्तान को उसके कर्ज संकट से उबरने में मदद करेगा। पश्चिम एशिया में हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। हालांकि कई पक्ष समझौते के जरिये तनाव कम करने की कोशिश में जुटे हैं।
ईरान ने भी चेताया, हमारी आंखें खुली हैं...हम सतर्क
व्हाइट हाउस के जवाब में ईरानी इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के कमांडरों ने चेतावनी दी कि हमारी आंखें खुली हैं और हमारी सशस्त्र सेनाएं सतर्क हैं। उसने यह भी कहा कि ईरान विरोधी पक्ष पर किसी भी प्रकार का भरोसा या सद्भावना नहीं दिखा सकता। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने समय सीमा के दावे खारिज करते हुए इन्हें हास्यास्पद बताया। वह बोले, हम बाहरी दबाव की परवाह किए बिना अपने हितों को साधने का प्रयास जारी रखेंगे।
ईरान युद्ध पर ट्रंप-नेतन्याहू में फोन पर हुई तीखी वार्ता
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बीच ईरान के खिलाफ जारी युद्ध की आगे की रणनीति को लेकर फोन पर काफी तीखी चर्चा हुई। दरअसल, वाशिंगटन दोबारा सैन्य हमले करने के बजाय समझौते के पक्ष में दिखाई दे रहा है। अमेरिकी मीडिया संस्थान ‘एक्सियोस’ ने अपनी खबर में कहा कि ट्रंप से चर्चा के बाद नेतन्याहू बेहद खफा थे। वे ईरान की सैन्य क्षमताएं और कमजोर करने व दोबारा हमले शुरू करना चाहते थे। इस्राइली पीएम ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर शासन को कमजोर करने के लिए युद्ध फिर से छेड़ना चाहते थे।