सार
ईरान में अमेरिकी बलों ने आईआरजीसी के ठिकानों को निशाना बनाकर कार्रवाई शुरू की है। इसके बाद बंदर अब्बास के पास और होर्मुज जलडमरूमध्य में कई धमाकों की आवाज सुनाई दी। बताया गया है कि कार्रवाई हालिया हमले के प्रयासों के बाद हुई। ऐसे में बड़ा सवाल है कि अमेरिका की यह कार्रवाई कितनी दूर तक जाएगी और होर्मुज जैसे अहम इलाके में इसका असर कितना बढ़ सकता है।
ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह में विस्फोट (सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी बलों ने ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी के ठिकानों को निशाना बनाकर हमले शुरू किए हैं। बताया गया है कि ये कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ आईआरजीसी के हालिया हमले के प्रयासों के बाद की गई है।
बंदर अब्बास के पास कितने धमाके सुने गए?
ईरान के बंदर अब्बास के पूर्वी इलाके में कई धमाकों की आवाज सुनी गई है। ईरान के सरकारी प्रसारक के मुताबिक, केशम में मस्सान गांव के आसपास पांच से ज्यादा धमाकों की आवाज आई। इसके अलावा क़ेशम में होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर से भी चार धमाकों की आवाज सुनी गई। इन घटनाओं के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है और अमेरिकी कार्रवाई को लेकर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
क्या हमलों में किसी के हताहत होने की खबर है?
बंदर अब्बास जिस होर्मोजगान प्रांत में स्थित है, वहां के उप राजनीतिक, सुरक्षा और सामाजिक मामलों के अधिकारी के मुताबिक अब तक किसी के घायल होने या किसी अन्य घटना की सूचना नहीं मिली है। यानी शुरुआती जानकारी के अनुसार अमेरिकी हमलों और धमाकों में फिलहाल किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है।
लाल सागर में हूती की चार विस्फोटक नौकाएं रोकी गईं
- यमन सरकार ने मंगलवार को दावा किया कि इस्लामिक स्टेट (आईएस) का आधिकारिक प्रवक्ता अबू हुज़ैफा अल-अंसारी संयुक्त आतंकवाद विरोधी अभियान में मारा गया। यह कार्रवाई यमनी सुरक्षा बलों और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की विशेष बलों ने मिलकर की। स्थानीय सैन्य सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी दक्षिण-पूर्वी हदरमौत प्रांत के सैयून शहर में सोमवार देर रात करीब 1:30 बजे हुई।
- सुरक्षा बलों ने अल-हौटा इलाके के एक पुराने मिट्टी के मकान को निशाना बनाया, जहां अल-अंसारी ठहरा हुआ था। अभियान में यमन की 22वीं काउंटर टेररिज्म यूनिट ने गठबंधन की स्पेशल फोर्सेज का साथ दिया। बताया गया कि अल-अंसारी को घायल हालत में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। कार्रवाई में मकान में मौजूद एक अन्य व्यक्ति भी मारा गया और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
- यमन सरकार ने इसी बीच दावा किया कि उसकी नौसेना ने लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों के पास स्थित सरकारी नियंत्रण वाले द्वीपों की ओर बढ़ रही हूती विद्रोहियों की चार विस्फोटकों से लदी नौकाओं को रोक लिया। सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, ये नौकाएं रणनीतिक हनिश और ज़ुकर द्वीपों की ओर बढ़ रही थीं।
- सैन्य सूत्रों ने रविवार और सोमवार को भी हूती नौकाओं की गतिविधियां दर्ज होने की बात कही है। हालांकि, हूती समूह ने इन दावों पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। यमन में लंबे समय से जारी संघर्ष और अस्थिरता के बीच अल-कायदा इन द अरेबियन पेनिनसुला और आईएस जैसे आतंकी संगठन दक्षिणी और पूर्वी इलाकों में अपनी मौजूदगी बनाए हुए हैं।