ईरान परमाणु डील को पुनर्जीवित करने पर समझौता हो जाने की उम्मीद बढ़ गई है। यहां अनुमान लगाया जा रहा है कि अगले कुछ दिनों के अंदर इस समझौते पर दस्तखत हो सकते हैं। ऐसी खबर है कि वियना मे चल रही वार्ता में समझौते की राह में मौजूद आखिरी रुकावटें अब दूर होने वाली हैं।
जो बाइडन के अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद समझौते को पुनर्जीवित करने के लिए पिछले साल फिर से बातचीत शुरू हुई थी। अब खबर है कि संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी रफायल ग्रोसी शनिवार को तेहरान आएंगे। यहां उनकी कोशिश बची-खुची रुकावटों को दूर करने की होगी। बताया जाता है कि ईरान की कथित अघोषित परमाणु गतिविधियों के निरीक्षण के सवाल पर अभी भी मतभेद कायम हैं। ईरान जोर डाल रहा है कि ऐसे निरीक्षण की योजना छोड़ दी जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि रोसी की यात्रा का क्या नतीजा रहता है, उससे ही परमाणु डील का भविष्य तय होगा।
वियना वार्ता में भाग ले रहे देशों का भी कहना है कि समझौता होने के करीब है, लेकिन अभी कुछ रुकावटें बाकी हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता जलिना पोर्टर एक सम्मेलन में कहा- ‘समझौते की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। हम संभावित समझौते के करीब हैं, लेकिन अभी कई दिक्कतें दूर होनी बाकी हैं।’ ब्रिटिश वार्ताकार स्टीफाइन अल-काद ने एक ट्विट में कहा- हम बहुत करीब हैं, लेकिन कुछ कदम और चलना है। फ्रांस के वार्ताकार फिलिप इरेरा ने सोशल मीडिया पर वार्ताकारों के यूरोपीय दल के साथ अपना एक फोटो पोस्ट किया और 11 महीने की उनकी मेहनत के लिए उनका आभार जताया। इसे इस बात का संकेत समझा गया है कि समझौता अब होने ही वाला है।
लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि तमाम सकारात्मक संदेशों के बावजूद तब तक कोई कुछ नहीं कह सकता, जब तक बचे मुद्दे भी हल नहीं हो जाते। जानकारों का कहना है कि अभी सबसे बड़ी रुकावट अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की प्रस्तावित जांच का मुद्दा है। बताया जाता है कि शनिवार को ग्रोसी तेहरान में इस मुद्दे पर ऐसा फॉर्मूला तैयार करने की कोशिश करेंगे, जो सभी संबंधित पक्षों को स्वीकार्य हो सके।