विदेश विभाग ने बताया कि अर्जेंटीना के जिस नागरिक का वीजा रद्द किया गया है, उसने चार्ली किर्क पर नस्लवादी, विदेशियों से नफरत करने वाले, स्त्री द्वेषी बयानबाजी प्रसारित करने का आरोप लगाया था। वहीं जर्मनी के व्यक्ति ने लिखा कि 'जब फासीवादी मरते हैं तो डेमोक्रेट शिकायत नहीं करते।'
अमेरिकी विदेश विभाग ने मंगलवार को छह विदेशियों के वीजा रद्द कर दिए क्योंकि इन लोगों ने रूढ़िवादी कार्यकर्ता चार्ली किर्क की हत्या के बारे में सोशल मीडिया पर टिप्पणी की थी। वीजा रद्द करने की यह घोषणा ऐसे समय में की गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किर्क को मरणोपरांत अमेरिका के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम से सम्मानित किया। यह सम्मान किर्क के 32वें जन्मदिन पर दिया गया।
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अमेरिकी विदेश विभाग ने जारी किया बयान
अमेरिकी विदेश विभाग ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा एक पोस्ट में कहा, 'अमेरिका उन विदेशियों की मेजबानी करने के लिए बाध्य नहीं है जो अमेरिकियों की मृत्यु की कामना करते हैं।' जिन लोगों के वीजा रद्द किए गए हैं, उनमें दक्षिण अफ्रीका, अर्जेंटीना, मेक्सिको, ब्राजील, जर्मनी और पेराग्वे के लोग शामिल हैं। विदेश विभाग ने बताया कि अर्जेंटीना के जिस नागरिक का वीजा रद्द किया गया है, उसने चार्ली किर्क पर नस्लवादी, जेनोफोबिक (विदेशियों से नफरत करने वाला), स्त्री द्वेषी बयानबाजी प्रसारित करने का आरोप लगाया था। वहीं जर्मनी के व्यक्ति ने लिखा कि 'जब फासीवादी मरते हैं तो डेमोक्रेट शिकायत नहीं करते।'
अवैध अप्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही ट्रंप सरकार
चार्ली किर्क की बीते महीने यूटा यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। चार्ली किर्क दक्षिणपंथ समर्थक और राष्ट्रपति ट्रंप के करीबी थे। अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि वे चार्ली किर्क की हत्या पर खुशी जताने वाले लोगों की पहचान कर रहे हैं। जनवरी में सत्ता पर काबिज होने के बाद से ही ट्रंप प्रशासन द्वारा अवैध अप्रवासियों को निशाना बनाया जा रहा है। साथ ही सोशल मीडिया पर की जाने वाली टिप्पणियों को लेकर भी निशाना बनाया जा रहा है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को अपने करीबी चार्ली किर्क को मरणोपरांत अमेरिका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम प्रदान किया। साथ ही ट्रंप ने किर्क को सत्य और स्वतंत्रता के लिए शहीद बताया। ट्रंप ने किर्क की तुलना सुकरात, सेंट पीटर, अब्राहम लिंकन और मार्टिन लूथर किंग से की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में आयोजित इस समारोह में यह भी संकल्प लिया कि वे कट्टरपंथी वामपंथी समूहों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को दोगुना कर देंगे, जिसे उन्होंने किर्क की गोलीबारी के बाद शुरू किया था।