पटियाला हाउस कोर्ट ने मुंबई आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता तहव्वुर राणा को 18 दिन की हिरासत में भेज दिया है। लंबी कोशिशों के बाद भारत लाए गए राणा से अब सरकारी एजेंसियां पूछताछ करेंगी। माना जा रहा है कि, राणा 2008 के हमलों को लेकर कई बड़े खुलासे कर सकता है। इसी बीच इस मामले पर अमेरिका की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। अमेरिका ने भारत के साथ वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने की प्रतिबद्धता को दोहराया है।
भारत लाया गया मास्टरमाइंड राणा
इससे पहले मुंबई आतंकी हमलों के साजिशकर्ता तहव्वुर राणा को अमेरिका से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया। राणा को लेकर दिल्ली पहुंची राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष टीम में तीन अधिकारियों ने अहम भूमिका निभाई है, उसमें 1997 बैच के झारखंड कैडर के आईपीएस आशीष बत्रा, छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस अधिकारी प्रभात कुमार के अलावा झारखंड कैडर की महिला आईपीएस जया रॉय शामिल हैं।
दिल्ली लाए गए राणा को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के विशेष जज चंदर जीत सिंह की अदालत में पेश किया गया। एनआईए की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दयान कृष्णन और विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र मान ने मामले की पैरवी की। एनआईए ने राणा की हिरासत को लेकर अपनी दलीलें पेश कीं। पटियाला हाउस कोर्ट ने तहव्वुर राणा को 18 दिन की हिरासत में भेज दिया है।
एनआईए ने 20 दिन की हिरासत की मांग की थी। एनआईए ने 26/11 मुंबई हमलों के आरोपी तहव्वुर राणा की पुलिस हिरासत को सही ठहराने के लिए उसके द्वारा भेजे गए ईमेल समेत कई पुख्ता सबूत पेश किए थे। एजेंसी ने अदालत को बताया कि भयावह साजिश का पर्दाफाश करने के लिए हिरासत में पूछताछ बहुत जरूरी है। जांचकर्ता घातक आतंकी हमलों को अंजाम देने में राणा की भूमिका की भी जांच करेंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राणा को अभी एनआईए के मुख्यालय में रखा गया है।