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Tahawwur Rana: राणा के प्रत्यर्पण पर अमेरिका ने जताई खुशी, कहा- आतंकवाद से निपटने के लिए साथ काम करते रहेंगे

Fri, 11 Apr 2025 07:43 AM IST
राहुल कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

राणा के प्रत्यर्पण पर अमेरिका ने कहा मुंबई हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने के भारत के प्रयासों का लगातार समर्थन किया है। उन्होंने राणा के प्रत्यर्पण पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि वह अब भारत के कब्जे में है और हमलों में उसकी भूमिका के लिए उसे मुकदमे का सामना करना पड़ेगा। 
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अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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पटियाला हाउस कोर्ट ने मुंबई आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता तहव्वुर राणा को 18 दिन की हिरासत में भेज दिया है। लंबी कोशिशों के बाद भारत लाए गए राणा से अब सरकारी एजेंसियां पूछताछ करेंगी। माना जा रहा है कि, राणा 2008 के हमलों को लेकर कई बड़े खुलासे कर सकता है। इसी बीच इस मामले पर अमेरिका की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। अमेरिका ने भारत के साथ वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने की प्रतिबद्धता को दोहराया है।

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अमेरिका ने कहा है कि 26 नवंबर, 2008 को मुंबई में हुआ आतंकी हमला भारत के इतिहास में सबसे भयानक और विनाशकारी हमलों में से एक है। आतंकी तहव्वुर हुसैन राणा का प्रत्यर्पण उन छह अमेरिकियों और अन्य पीड़ितों के लिए न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो इस जघन्य हमले में मारे गए थे।  अमेरिकी न्याय विभाग ने बयान जारी कर कहा कि 26 से 29 नवंबर, 2008 के बीच लश्कर के 10 आतंकियों ने मुंबई में समन्वित गोलीबारी और बम धमाके किए। एक रेलवे स्टेशन, ताज होटल और एक यहूदी सामुदायिक केंद्र पर हमला किया। हमले में कई लोग मारे गए, सैकड़ों लोग घायल हुए और मुंबई में 1.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर (1.5 लाख करोड़ डॉलर) से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ।

न्याय विभाग के बयान के अनुसार, राणा और मुंबई हमले के मास्टरमाइंड डेविड कोलमैन हेडली के बीच हुई बातचीत से उनकी खतरनाक साजिशों का खुलासा हुआ। भारत में राणा (64) पर साजिश, हत्या, आतंकवादी कृत्य के लिए साजिश और जालसाजी समेत कई अपराधों के आरोप हैं। ये आरोप 2008 के मुंबई आतंकी हमले में उसकी भूमिका से जुड़े हैं। यह हमला पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-ताइबा के आतंकवादियों ने अंजाम दिया था। भारत का आरोप है कि राणा ने फर्जी कंपनी बनाई। इसकी आड़ में राणा के करीबी और अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली ने मुंबई आकर लश्कर के लिए संभावित हमले की जगहों की रेकी की। भारत का दावा है कि हेडली को पाकिस्तान में लश्कर के आतंकियों से प्रशिक्षण मिला और वह लश्कर के साथ हमले की साजिश को लेकर सीधे संपर्क में था। राणा पर आरोप है कि उसने हेडली को अपने इमिग्रेशन बिजनेस की मदद से भारत में एक कार्यालय खोलने में सहायता की और उसे मैनेजर नियुक्त किया, जबकि हेडली को इमिग्रेशन का कोई अनुभव नहीं था। दो अलग-अलग मौकों पर राणा ने कथित रूप से भारत सरकार को ऐसे दस्तावेज़ सौंपे, जो वह जानता था कि झूठे थे। इसके अलावा उसने हेडली के भारतीय सरकार से औपचारिक अनुमति लेने के प्रयासों के लिए भी सहायता प्रदान की। 
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राणा ने लश्कर को आर्थिक मदद भी दी
अमेरिकी बयान में यह भी कहा गया कि राणा के खिलाफ भारत की लंबित कार्यवाही पहली नहीं है, जिसमें उस पर हिंसक आतंकवादी कृत्यों की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। 2013 में राणा को इलिनोइस की एक अदालत में मुकदमे के बाद 14 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। उस पर लश्कर को आर्थिक सहायता देने और डेनमार्क के कोपेनहेगन में लश्कर के विफल आतंकी साजिश में शामिल होने का भी आरोप था। इन्हीं आपराधिक कार्यवाहियों के तहत, हेडली ने 12 संघीय आतंकवाद से संबंधित आरोपों को स्वीकार किया। इनमें मुंबई में छह अमेरिकियों की हत्या में सहायता करना और डेनमार्क के एक अखबार पर हमले की योजना बनाना शामिल था। उसे 35 साल की जेल की सजा सुनाई गई।

Tahawwur Rana : पटियाला हाउस कोर्ट ने तहव्वुर राणा को 18 दिन की हिरासत में भेजा, अब खुलेंगी साजिश की कड़ियां

भारत लाया गया मास्टरमाइंड राणा
इससे पहले मुंबई आतंकी हमलों के साजिशकर्ता तहव्वुर राणा को अमेरिका से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया। राणा को लेकर दिल्ली पहुंची राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष टीम में तीन अधिकारियों ने अहम भूमिका निभाई है, उसमें 1997 बैच के झारखंड कैडर के आईपीएस आशीष बत्रा, छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस अधिकारी प्रभात कुमार के अलावा झारखंड कैडर की महिला आईपीएस जया रॉय शामिल हैं।

दिल्ली लाए गए राणा को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के विशेष जज चंदर जीत सिंह की अदालत में पेश किया गया। एनआईए की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दयान कृष्णन और विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र मान ने मामले की पैरवी की। एनआईए ने राणा की हिरासत को लेकर अपनी दलीलें पेश कीं। पटियाला हाउस कोर्ट ने तहव्वुर राणा को 18 दिन की हिरासत में भेज दिया है। 

एनआईए ने 20 दिन की हिरासत की मांग की थी। एनआईए ने 26/11 मुंबई हमलों के आरोपी तहव्वुर राणा की पुलिस हिरासत को सही ठहराने के लिए उसके द्वारा भेजे गए ईमेल समेत कई पुख्ता सबूत पेश किए थे। एजेंसी ने अदालत को बताया कि भयावह साजिश का पर्दाफाश करने के लिए हिरासत में पूछताछ बहुत जरूरी है। जांचकर्ता घातक आतंकी हमलों को अंजाम देने में राणा की भूमिका की भी जांच करेंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राणा को अभी एनआईए के मुख्यालय में रखा गया है। 

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