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Russia-Ukraine War: अमेरिकी विदेश विभाग का आरोप, यूक्रेन के खिलाफ रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है रूस

Thu, 02 May 2024 04:23 AM IST
जलज मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

हाल ही में एक मीडिया रिपोर्ट में यूक्रेनी सेना के हवाले से कहा गया था कि रूस ने एजेंटों के अवैध उपयोग को बढ़ा दिया है। यूक्रेनी सेना का कहना है कि रूस क्लोरोपिक्रिन के अलावा, सीएस और सीएन गैसों से भरे ग्रेनेड का भी इस्तेमाल कर रहा है। 
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जो बाइडन - फोटो : ANI
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विस्तार
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अमेरिका ने यूक्रेन युद्ध में रूस पर रासायनिक हथियार ‘क्लोरोपिक्रिन’ के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। क्लोरोपिक्रिन एक जहरीली गैस है, जिसका निर्माण प्रथम विश्वयुद्ध में किया गया था। इसी आधार पर अमेरिका ने रूस के 280 से ज्यादा लोगों व संस्थाओं पर प्रतिबंध बढ़ाने का आदेश दिया है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने इन प्रतिबंधों की पुष्टि कर दी है। इन प्रतिबंधों में 200 से अधिक कंपनियां व 80 लोग शामिल हैं।

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अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा, यह संभवतः रूस द्वारा यूक्रेनी सेनाओं को उनके गढ़ों से बाहर धकेलने के प्रयास का नतीजा है। रूसी सरकार की रासायनिक-जैविक हथियार कार्यक्रमों से जुड़ी तीन संस्थाओं और चार रूसी कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। इन्होंने कैमिकल वेपन से जुड़ी संस्थाओं में योगदान दिया है।  

गैस ग्रेनेड का भी इस्तेमाल
अमेरिका ने कहा, रूस ने यूक्रेनी सेना के खिलाफ चोकिंग एजेंट क्लोरोपिक्रिन को तैनात किया है। उधर, यूक्रेनी सेना का भी कहना है कि रूस क्लोरोपिक्रिन के अलावा, सीएस-सीएन गैसों से भरे ग्रेनेड का भी इस्तेमाल कर रहा है।
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रूस का संयुक्त राष्ट्र में अंतरिक्ष हथियारों पर प्रतिबंध का प्रस्ताव
रूस ने संयुक्त राष्ट्र में एक प्रस्ताव पेश कर सभी देशों से बाह्य अंतरिक्ष में हथियारों की तैनाती ‘हमेशा के लिए रोकने’ के मकसद से तत्काल कदम उठाने को कहा है। दिलचस्प बात यह है कि एक हफ्ते पहले कमोबेश इसी प्रकार का एक प्रस्ताव अमेरिका और जापान ने साझा रूप से विश्व निकाय में पेश किया था, जिस पर रूस ने वीटो कर चुका है। रूस ने अपने प्रस्ताव में अमेरिका और जापान के प्रस्ताव से इतर बाह्य अंतरिक्ष में हथियारों की तैनाती हमेशा के लिए रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की बात की है। वहीं, अमेरिका-जापान के प्रस्ताव में अंतरिक्ष में परमाणु हथियारों की तैनाती रोकने की बात थी। उस वक्त रूस ने वीटो किया था तब उन्होंने सुरक्षा परिषद में कहा था कि यह अंतरिक्ष में सभी तरब के हथियारों पर रोक के लिए असरदार नहीं है। 

रूस-यूक्रेन युद्ध कैसे शुरू हुआ था? 
23 फरवरी 2022 की रात रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन का एलान किया। चंद घंटे बाद यानी 24 फरवरी की तड़के सुबह अचानक यूक्रेन की राजधानी कीव और आसपास के शहरों में हवाई हमले होने लगे। रूस के इस हमले से पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया। उधर यूक्रेन ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू की। 

युद्ध के शुरू होने के साथ शुरू हो गया दुनिया का दो धड़ों में बंटना। यूक्रेन का साथ देने के लिए नाटो सदस्य देश खड़े हो गए तो अमेरिका, ब्रिटेन, पोलैंड, फ्रांस समेत कई देशों ने युद्ध से बाहर रहते हुए इसको मदद पहुंचानी शुरू कर दी। दूसरी ओर चीन, दक्षिण कोरिया, ईरान जैसे देश प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रूस के साथ खड़े हैं। भारत की बात करें तो इसने किसी का पक्ष नहीं लिया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत सार्वजनिक रूप से इस युद्ध की समाप्ति के लिए प्रतिबद्ध है।

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