अफगानिस्तान में अमेरिकी विशेष दूत जलमय खलीलजाद पाकिस्तानी नेताओं के साथ शांति वार्ता की बहाली और साथ ही तालिबान के सह-संस्थापक और मुख्य शांति वार्ताकार मुल्ला अब्दुल गनी बरादर की अध्यक्षता में एक तालिबान प्रतिनिधिमंडल के साथ संभावित बैठक पर चर्चा करने के लिए पाकिस्तान पहुंचे हैं।
अमेरिकी दूत की यह यात्रा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की अमेरिका यात्रा के कुछ दिनों बाद हुई है जहां उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की और अन्य मुद्दों के बीच अफगानिस्तान में शांति लाने के लिए वार्ता की बहाली पर चर्चा की थी।
खलीलजाद ने न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री खान से भी मुलाकात की, जहां वह संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में भाग लेने के लिए आए थे, और तालिबान के साथ पुन: वार्ता के बारे में बातचीत की।
अमेरिका और तालिबान ने शांति योजना के मसौदे पर सहमति जताई थी, लेकिन तालिबान द्वारा दावा किए गए एक आत्मघाती हमले में पिछले महीने काबुल में एक अमेरिकी सैनिक की हत्या के बाद राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा इस प्रक्रिया को निलंबित कर दिया गया था।
ट्रंप ने दुनिया को चौंकाया जब उन्होंने अचानक घोषणा की कि तालिबान के साथ अफगान शांति वार्ता 'मृत' हो चुकी है। उन्होंने तालिबान द्वारा काबुल में हुए हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा करने के बाद वाशिंगटन में तालिबान और अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी के साथ एक गुप्त बैठक को रद्द कर दिया। काबुल में हुए हमले में एक अमेरिकी सैनिक मारा गया था।
तालिबान के एक प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने कहा है कि मुल्ला बरादर के नेतृत्व में अफगान तालिबान का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को वार्ता के लिए पाकिस्तान का दौरा करेगा।
सुहैल शाहीन ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि प्रतिनिधिमंडल कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ चर्चा करेगा। शाहीन ने ट्वीट किया कि पिछले महीने अमेरिका के साथ शांति वार्ता के ढहने के बाद से बारादार ने चीन, रूस और ईरान की यात्रा की थी।