भारत की चिंताओं के बावजूद अमेरिका पाकिस्तान को 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर का एफ-16 सुधार पैकेज देने के लिए पूरी तरह तैयार है क्योंकि 30-दिन की नोटिस अवधि के भीतर सीनेट से सौदे पर कोई आपत्ति नहीं आई है। 7 सितंबर को अमेरिकी विदेश विभाग ने विदेशी सैन्य बिक्री (एफएमएस) कार्यक्रम के तहत पाकिस्तान के लिए इस रक्षा बिक्री को लेकर बाइडन प्रशासन के फैसले के बारे में अमेरिकी कांग्रेस को सूचित किया था। इस तरह की अधिसूचना पर कांग्रेस के पास 30 दिन होते हैं, जिसके दौरान बिक्री की समीक्षा की जा सकती है। सीनेट की विदेश संबंध समिति के अध्यक्ष सीनेटर रॉबर्ट मेनेंडेज ने 13 सितंबर को सीनेट को ये जानकारी दी थी।
बाइडन ने पलटा ट्रंप प्रशासन का फैसला
पिछले महीने बाइडन प्रशासन ने अफगान तालिबान और हक्कानी नेटवर्क के लिए सुरक्षित पनाहगाह प्रदान करने के लिए इस्लामाबाद को सैन्य सहायता निलंबित करने के पिछले ट्रंप प्रशासन के फैसले को उलट दिया और पाकिस्तान को एफ-16 लड़ाकू जेट बेड़े के रखरखाव कार्यक्रम को मंजूरी दे दी थी। निर्धारित 30 दिनों के भीतर इस प्रस्तावित बिक्री पर 100 सीनेटरों में से किसी की ओर से कोई आपत्ति नहीं आई है। इसी के साथ अमेरिका पाकिस्तान को 450 मिलियन डॉलर एफ-16 में सुधार का पैकेज देने के लिए पूरी तरह तैयार है। भारत ने पाकिस्तान को एफ-16 सुरक्षा सहायता देने के अमेरिका के फैसले पर सवाल उठाया था।
जयशंकर ने अमेरिका को सुनाई थी खरी-खरी
विदेश मंत्री एस जयशंकर पिछले महीने अमेरिका की यात्रा पर थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ अमेरिका के संबंधों ने दोनों देशों में से किसी का भी भला नहीं किया और बाइडन प्रशासन द्वारा 450 मिलियन डॉलर केपैकेज की मंजूरी पर सवाल उठाया था। बाइडन प्रशासन ने तर्क दिया है कि पाकिस्तान का एफ-16 कार्यक्रम पाकिस्तान के साथ उसके व्यापक संबंधों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और व्हाइट हाउस सहित ने कई बार जोर देकर कहा कि प्रस्तावित बिक्री पाकिस्तान की वर्तमान और भविष्य के आतंकवाद विरोधी खतरों से निपटने के लिए अपने एफ-16 बेड़े की क्षमता को बनाए रखने में मदद के लिए है।
राजनाथ ने भी जताई थी आपत्ति
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन को पाकिस्तान के F-16 बेड़े के लिए पैकेज प्रदान करने के वाशिंगटन के फैसले पर भारत की चिंताओं से अवगत कराया था। सिंह ने टेलीफोन पर बातचीत के दौरान ऑस्टिन को पाकिस्तान को पैकेज देने की वाशिंगटन की योजना पर भारत की चिंताएं बताई थी। रक्षा मंत्री ने 14 सितंबर को ट्विटर पर कहा, "मैंने पाकिस्तान के एफ-16 बेड़े के लिए पैकेज प्रदान करने के हालिया अमेरिकी फैसले पर भारत की चिंता व्यक्त की।"