अमेरिका के दो डेमोक्रेटिक सीनेटर चक शूमर और बॉब मेनेंडेज से बाइडन प्रशासन से कहा है कि वह भारत में किसानों के साथ हो रहे व्यवहार पर पीएम नरेंद्र मोदी सरकार के साथ बात करें।
सीनेटरों ने विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन को लिखे पत्र में 26 जनवरी को लाल किले पर हुए विरोध प्रदर्शनों की निंदा करते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा पारित कृषि कानून भारत की आंतरिक नीति हैं।
अमेरिकी सीनेट (उच्च सदन) की विदेश संबंध समिति के अध्यक्ष बॉब मेनेंडेज और सीनेट में बहुमत के नेता चक शूमर ने यह भी कहा कि ये किसान नए कृषि कानून के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं।
बता दें कि अमेरिका ने फरवरी में नए कृषि कानूनों के समर्थन में कहा था कि वह ऐसे कदमों का स्वागत करता है जो भारतीय बाजारों की दक्षता में सुधार करेंगे और निजी क्षेत्र के अधिक निवेश को आकर्षित करेंगे।
अपने पत्र में दोनों सीनेटरों ने भारतीय समकक्षों के साथ बातचीत में अभिव्यक्ति की आजादी के महत्व और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को बढ़ाने पर बातचीत करने का भी आग्रह किया। दोनों नेताओं ने कहा कि इन कृषि कानूनों पर आगे कैसे बढ़ना है इसका फैसला भारत के लोग और सरकार को करना है।
भारत हमारा दीर्घकालीन साझेदार
डेमोक्रेटिक सीनेटर चक शूमर और मेनेंडेज ने ब्लिंकेन को लिखे संयुक्त पत्र में कहा, भारत निश्चित ही अमेरिका का दीर्घकालीन सामरिक साझेदार है जिसका श्रेय हमारे कई साझा मूल्यों और व्यापक भारतीय अमेरिकी समुदाय को जाता है। इन मजबूत संबंधों के चलते किसान प्रदर्शनों पर भारत सरकार की प्रतिक्रिया को लेकर हम गंभीर चिंता जताते हैं।