अमेरिकी रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन हो गया है। उनके सम्मान में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने श्रद्धांजलि देते हुए राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुकाने का आदेश दिया है। हालांकि, उनकी मृत्यु को लेकर सोशल मीडिया पर कई अपुष्ट दावे किए जा रहे हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर किसी भी तरह की साजिश की पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिका के वरिष्ठ सीनेटर लिंडसे ग्राहम का 11 जुलाई को 71 वर्ष की आयु में अचानक निधन हो गया। उनके कार्यालय ने बताया कि शनिवार शाम को उनके कैपिटल हिल स्थित आवास पर दिल का दौरा (कार्डियक अरेस्ट) पड़ने से उनका देहांत हुआ। उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुकाने का आदेश दिया है। लिंडसे ग्राहम इस्राइल के कट्टर समर्थक और ईरान के साथ शांति वार्ता के धुर विरोधी थे। उन्होंने पाकिस्तान की भूमिका पर भी हमेशा गंभीर सवाल उठाए। उनकी इसी ईरान-विरोधी नीति के कारण, ईरान समर्थक प्रदर्शनों में उनकी तस्वीरों के साथ उन्हें जान से मारने की धमकियां तक दी गई थीं।
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राष्ट्रपति ट्रंप ने दी श्रद्धांजलि
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'मेरे प्रिय मित्र और एक महान व्यक्ति सीनेटर लिंडसे ग्राहम के असाधारण जीवन और उपलब्धियों के सम्मान में, जिन्होंने हमारे देश और अपने प्रिय गृह राज्य दक्षिण कैरोलिना के लिए बहुत कुछ हासिल किया, मैं पूरे संयुक्त राज्य अमेरिका में सभी अमेरिकी झंडों को शनिवार शाम 6 बजे तक आधा झुकाने का आदेश दे रहा हूं। भगवान आपको आशीर्वाद दें लिंडसे!'
US President Donald J Trump posts, "In honor of the remarkable life and achievements of Senator Lindsey Graham, a dear friend of mine, and a truly great man, who achieved so much for our Country, and his beloved Home State of South Carolina, I am ordering all American Flags… pic.twitter.com/9P0hOSI7OD
मौत को लेकर साजिश की आशंका
बता दें कि, सीनेटर ग्राहम इस्राइल के कट्टर समर्थक थे और ईरान के साथ अमेरिका की शांति वार्ता का विरोध करते थे। उन्होंने पाकिस्तान की भूमिका पर भी सवाल उठाए थे। उनकी मौत के बाद अमेरिका में दक्षिणपंथी विचारधारा के लोग इसे एक साजिश से जोड़ रहे हैं। ट्रंप की करीबी पत्रकार लोरा लूमर ने दावा किया कि पांच दिन पहले ही ईरान की आईआरजीसी (IRGC) ने ग्राहम की हत्या की मांग की थी। वह रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने के प्रयास में विदेश यात्रा पर थे और लौटने के तुरंत बाद उनका निधन हो गया। लूमर ने आशंका जताई कि क्या उन्हें किसी विदेशी दुश्मन ने जहर दिया था। इस्राइली प्रधानमंत्री कार्यालय के पूर्व सलाहकार डेविड काएस ने भी इस मामले की जांच की मांग की है।
ईरान में दिखे थे लिंडसे ग्राहम विरोधी पोस्टर, क्या कहती है आधिकारिक रिपोर्ट
पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान ईरान में कुछ ऐसे पोस्टर दिखाए गए थे, जिनमें लिंडसे ग्राहम को मारने की बात कही गई थी। इसी वजह से उनकी मौत को ईरान से जोड़ा जा रहा है। हालांकि, एनबीसी (NBC) न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार शाम को उनके घर पर कार्डियक अरेस्ट की सूचना मिलने के बाद आपातकालीन चिकित्सा टीम वहां पहुंची थी। अमेरिकी खुफिया और कानून लागू करने वाली एजेंसियों ने उनकी मौत में किसी भी तरह की साजिश या जहर दिए जाने की जांच की कोई घोषणा नहीं की है।