सीनेट की समिति ने वित्त वर्ष 2023 के लिए राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकार कानून का अपना संस्करण पारित करते हुए इसमें ‘भारत के साथ प्रमुख रक्षा साझेदारी बढ़ाने’ पर जोर दिया है।
अमेरिकी सीनेट की एक अहम समिति ने भारत के साथ रक्षा साझेदारी को मजबूत करने और खुफिया जानकारी एकत्रित करने, ड्रोन तथा चौथी और पांचवीं पीढ़ी के विमानों के क्षेत्र में वृहद सहयोग के जरिये इसे नए स्तर तक ले जाने का मांग की है।
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सीनेट की शक्तिशाली सशस्त्र सेवा समिति ने यह मांग ऐसे वक्त में की है जब एक सप्ताह पूर्व प्रतिनिधि सभा ने राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकार कानून (एनडीएए) के तौर पर एक विधायी संशोधन पारित किया जा चुका है। इसमें ‘काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शंस एक्ट’ (सीएएटीएसए) के तहत दंडात्मक प्रतिबंधों से भारत को छूट दी गई है।
सीनेट की समिति ने वित्त वर्ष 2023 के लिए राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकार कानून का अपना संस्करण पारित करते हुए इसमें ‘भारत के साथ प्रमुख रक्षा साझेदारी बढ़ाने’ पर जोर दिया है। इसमें खुफिया जानकारियां जुटाने, ड्रोनों व चौथी-पांचवीं पीढ़ी के विमानों के क्षेत्रों में वृहद सहयोग शामिल है। इसमें डिपो स्तर पर देखरेख, संयुक्त अनुसंधान एवं विकास, 5-जी और सर्द मौसम में रक्षा क्षमता बढ़ाने में सहयोग भी शामिल है।