अमेरिकी सीनेट में इमिग्रेशन प्रवर्तन एजेंसियों को मजबूत करने के लिए लगभग 70 अरब डॉलर के एक बड़े फंडिंग बिल पर बहस शुरू हो गई है। इस बिल को आगे बढ़ाने से पहले ट्रंप प्रशासन से जुड़े विवादित सेटलमेंट फंड और व्हाइट हाउस सुरक्षा प्रस्ताव को हटा दिया गया है। सीनेट ने बुधवार को 53-46 के वोट से इस विधेयक पर औपचारिक बहस शुरू करने की मंजूरी दी। यह फंडिंग मुख्य रूप से इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) और बॉर्डर पैट्रोल के लिए प्रस्तावित है।
राजनीतिक खींचतान के बीच आगे बढ़ा बिल
रिपब्लिकन पार्टी के नेतृत्व में यह बिल कई हफ्तों तक अटका रहा, क्योंकि व्हाइट हाउस और कुछ विवादित प्रस्तावों को लेकर सहमति नहीं बन पा रही थी। अब इन प्रावधानों को हटाकर इसे इसके मूल स्वरूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। सीनेट मेजॉरिटी लीडर जॉन थ्यून ने कहा कि प्राथमिक लक्ष्य अब इस बिल को जल्द से जल्द पास कराना है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि आगे संशोधन प्रस्तावों की लंबी श्रृंखला मतदान प्रक्रिया को चुनौतीपूर्ण बना सकती है।
डेमोक्रेट्स के संशोधन बन सकते हैं बाधा
डेमोक्रेटिक पार्टी इस बिल पर कई संशोधन प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। खासतौर पर ट्रंप के उस 1.776 अरब डॉलर के सेटलमेंट फंड को स्थायी रूप से रोकने की मांग की जा रही है, जिसे प्रशासन ने हाल ही में वापस ले लिया था। सीनेट अल्पसंख्यक नेता चक शूमर ने कहा कि उन्हें आशंका है कि यह फंड भविष्य में फिर से सामने आ सकता है, इसलिए इसे कानून में स्पष्ट रूप से रोकना जरूरी है।
रिपब्लिकन के भीतर भी मतभेद
हालांकि कई रिपब्लिकन सांसदों ने इस फंड को लेकर संतोष जताया है, लेकिन कुछ अभी भी चिंतित हैं। सांसद थॉम टिलिस ने कहा कि वह ऐसा संशोधन पेश करेंगे जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि भविष्य में यह सेटलमेंट फंड दोबारा लागू न किया जा सके। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर पर्याप्त समर्थन है, लेकिन अंतिम वोट से पहले सहमति जरूरी होगी।
व्हाइट हाउस सुरक्षा फंड भी विवाद में
इस बिल में पहले व्हाइट हाउस की सुरक्षा और ट्रंप के नए बॉलरूम प्रोजेक्ट के लिए लगभग 1 अरब डॉलर का प्रावधान जोड़ा गया था, जिसे लेकर डेमोक्रेट्स और कुछ रिपब्लिकन ने सवाल उठाए। आर्थिक दबाव के बीच सरकारी खर्च को लेकर यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। रिपब्लिकन नेतृत्व का लक्ष्य है कि यह बिल हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भी जल्द पास हो जाए और राष्ट्रपति ट्रंप तक अंतिम मंजूरी के लिए पहुंचे। हालांकि, इसके लिए दोनों सदनों में पार्टी एकजुटता जरूरी होगी।