अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक रिश्तों को लेकर तल्खी बढ़ती जा रही है। 5जी नेटवर्क के विस्तार में लगी चीनी कंपनी हुआवे को कुछ देशों और खासकर ब्रिटेन की हरी झंडी मिलने के बाद से अमेरिका लगातार ये चेतावनी दे रहा है कि चीन के साथ किसी भी तरह का व्यापारिक रिश्ता बनाने से पहले बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है।
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी पर भी दूसरे देशों को मैत्री के नाम पर अपने प्रभाव में लाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। दूसरी तरफ अमेरिका की ओर से चीनी कम्युनिस्ट पार्टी पर लगाए जा रहे आरोपों का चीन ने कड़ा विरोध किया है। चीन ने कहा है कि अमेरिका बेवजह दुनिया के तमाम देशों के मन में भ्रम पैदा कर रहा है कि अगर चीन के साथ व्यापारिक रिश्ता या समझौता किया तो सुरक्षा को खतरा हो सकता है। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने अपने सभी राज्यों के गवर्नर को कहा है कि चीन के साथ किसी भी तरह का व्यापार करने या व्यापारिक करार करने से पहले सतर्क रहें।
रायटर्स के मुताबिक वाशिंगटन में नेशनल गवर्नर्स एसोसिएशन की बैठक के दौरान पोम्पियो ने चीन पर आरोप लगाया कि वह अमेरिका की आजादी का नाजायज फायदा उठाते हुए अपनी नीतियां बनाता है। उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनॉल्ड रीगन का हवाला देते हुए कहा कि वह हमेशा किसी भी व्यापारिक समझौते के पहले उसे ठीक तरह से जांच परख लेने की बात कहते थे। इसलिए ये जरूरी है कि जब भी चीन के साथ कोई व्यापार हो, उसकी नीयत के बारे में गहराई से पड़ताल कर लेनी चाहिए।
अमेरिकी के 55 राज्यों के गवर्नर्स से बात करते हुए पोम्पियो ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी पर निशाना साधा और कहा कि चीन बेहद सोची समझी रणनीति के साथ अपना काम करता है और वहां की कम्युनिस्ट पार्टी अमेरिकी राज्यों के व्यापारियों और उद्योगपतियों को अपने प्रभाव में लेती है।
उधर चीन ने पोम्पियो के इस बयान की कड़ी निंदा की है और कहा है कि अमेरिका चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के बारे में ऐसे बेबुनियाद और गलत आरोप लगाना बंद करे। चीन ने कहा है कि चीन को बदनाम करने और यहां की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने की अमेरिकी साजिश कभी कामयाब नहीं होगी।
इधर पोम्पियो ने चीन के मैत्री संघों पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया है कि चीन अपने इस तरह के संघों के जरिए दोस्ती के नाम पर तमाम जगहों पर अपना दबदबा बनाने की कोशिश में रहता है। इस संदर्भ में उन्होंने फ्लोरिडा, जुपिटर, पोर्टलैंड, मिनीपोलिस जैसे राज्यों का जिक्र भी किया जहां चीनी मैत्री संघों के कार्यक्रम होते रहते हैं।
पोम्पियो ने ये भी आरोप लगाया है कि चीनी राजनयिक जगह-जगह स्थानीय अफसरों को ताइवान जैसे मुद्दों पर अपने साथ लाने की कोशिश करते हैं, यहां तक कि अमेरिकी वैज्ञानिकों और प्रोफेसर्स को अपने यहां नियुक्ति देकर उनका फायदा उठाता है।