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अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ बोले- भारतीय सीमा में घुसपैठ कर चीन दुनिया को आजमा रहा था, लेकिन दांव उलटा पड़ गया

Fri, 31 Jul 2020 02:33 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, वाशिंगटन
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अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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भारत-चीन के बीच लद्दाख के गलवां घाटी में गतिरोध को लेकर अमेरिका ने खुलकर भारत का साथ देते हुए कहा कि चीन भारतीय सीमा में घुसकर यह आजमा रहा था कि दुनिया उसकी इस हरकत पर क्या रुख अपनाती है? हालांकि, उसका दांव उल्टा पड़ गया। अमेरिका के विदेश मंत्री ने माइक पोम्पिओ ने कहा कि चीन देखना चाहता था कि क्या हम उसके खिलाफ खड़े होंगे?

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माइक पोम्पियो गुरुवार को सीनेट में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत के पूर्वी लद्दाख में चीन की हालिया आक्रामकता और भूटान में अचल संपत्ति के दावे उसके इरादों के संकेत हैं, राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में बीजिंग दुनिया में यह देखने के लिए परीक्षण कर रहा है कि क्या कोई उसके साथ खड़ा होने जा रहा है।

भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच पूर्वी लद्दाख में पांच मई से वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ लगते कई क्षेत्रों में गतिरोध हुआ। पिछले महीने गलवां घाटी में हुए संघर्ष में स्थिति बिगड़ गई थी जिसमें 20 भारतीय सेना के जवान मारे गए थे।
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पोम्पिओ ने कहा कि 'चीन की हरकतों को रोकने के लिए अमेरिका लोकतांत्रिक देशों का गठबंधन बनाने पर विचार कर रहा है। हम इस क्षेत्र के अपने मित्र देशों से अभी इस पर और विचार करेंगे। हम डिप्लोमैटिकली नए रिश्ते बना रहे हैं। अभी इस पर बहुत काम करने की जरूरत है।'

पोम्पिओ ने कहा कि हम देशों से चीन और अमेरिका में से किसी एक को चुनने के लिए नहीं कह रहे। हम हर संप्रभु (सॉवेरिन) देश को स्वतंत्रता और अत्याचार के बीच चुनने के लिए कह रहे हैं। पोम्पिओ ने इस दौरान अमेरिका के पिछले नेताओं की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों को चीन का खतरा नहीं दिखा। उनकी आंखों में बस व्यवसाय नजर आ रहा था।

'जिनपिंग दुनिया में चीनी विशेषताओं के साथ समाजवाद लाने के बारे में बात करते हैं'
पोम्पिओ ने गुरुवार को कांग्रेस की सुनवाई के दौरान, हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के सदस्यों से कहा कि जब से शी जिनपिंग सत्ता में आए हैं, चीन को अपनी शक्ति और पहुंच का विस्तार करने की इच्छा है।

"वे दुनिया में चीनी विशेषताओं के साथ समाजवाद लाने के बारे में बात करते हैं। चीन ने जो भारत में घुसपैठ और भूटान में अचल संपत्ति के जो दावे किए हैं, ये चीनी इरादों के संकेत हैं, और वे परीक्षण कर रहे हैं, वे दुनिया की जांच कर रहे हैं  यह देखने के लिए कि क्या हम उनकी धमकियों और गलत हरकतों के खिलाफ खड़े होने जा रहै हैं?"

मुझे  विश्वास है कि मैं एक साल पहले भी दुनिया से ऐसा करने के लिए तैयार था। शीर्ष अमेरिकी राजनयिक ने कहा कि इसके लिए बहुत अधिक काम करना है, और हमें इसके बारे में गंभीर होने की जरूरत है। पोम्पिओ ने सांसदों को बताया कि भारत ने अपने नागरिकों की गोपनीयता और सुरक्षा को खतरा पैदा करने वाले 106 चीनी एप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है।

'हमारे कूटनीतिक प्रयास चीन को कमजोर कर रहे हैं'
उन्होंने कहा कि 'हमारे कूटनीतिक प्रयास काम कर रहे हैं और उन खतरों को कम करने के लिए माहौल बन रहे हैं जो चीनी कम्युनिस्ट पार्टी पेश करती है। सभी 10 आसियान देशों ने जोर देकर कहा है कि दक्षिण चीन सागर विवादों को अंतर्राष्ट्रीय कानून के आधार पर सुलझाया जाना चाहिए, जिसमें समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन  (UNCLOS) शामिल है। उन्होंने कहा कि जापान ने जी -7 में चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा कानून पर हांगकांग को निशाना बनाते हुए निंदा की। यूरोपीय संघ ने भी कानून की निंदा की और चीन को हमारे लिए एक व्यवस्थित प्रतिद्वंद्वी घोषित किया।

पोम्पिओ ने कहा कि 'हमाने चतुर्भुज सुरक्षा संवाद (QUAD) - अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, भारत, और जापान - को फिर से मजबूत किया है। हमने इस पर कड़ी मेहनत की है। हमारे राजनयिकों ने अद्भुत काम किया है। मुझे प्रगति पर बहुत गर्व है।" उन्होंने कहा कि इन बहुपक्षीय प्रयासों के अलावा, न्याय विभाग चीनी बौद्धिक संपदा खतरों पर नकेल कस रहा है।

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