हमास और इस्राइल बीते छह महीने से जंग लड़ रहे हैं। इस्राइल द्वारा हमास को खत्म करने का संकल्प गाजा पट्टी के लोगों पर भारी पड़ रहा है। अब तक 30 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन सोमवार को सऊदी अरब के रियाद पहुंचे। बता दें, ब्लिंकन सऊदी अरब के बाद जॉर्डन और इस्राइल भी जाएंगे। ब्लिंकन की यात्रा का मकसद मध्य पूर्व में शांति प्रक्रिया में तेजी लाना और इस्राइली बंधकों की रिहाई है।
कैदियों की रिहाई पर जोर
ब्लिंकन साथ ही कैदियों की रिहाई पर बात करेंगे जो फलस्तीनी लोगों और युद्धविराम के बीच एक दीवार है। बता दें कि, इस्राइल ने मिस्र के मध्यस्थों के माध्यम से हमास को पहले ही बता दिया है कि, अगर 33 कैदियों को फौरन रिहा नहीं किया गया तो साउथ गाजा पट्टी में राफा इलाके पर जमीनी आक्रमण शुरू हो जाएगा। इस्राइल ने यह भी कहा है कि अगर सियासी चर्चा नाकाम हो जाती है तो उसकी फौज राफा क्षेत्र में दाखिल हो जाएगी।
फरवरी में भी गए थे सऊदी अरब
बता दें कि, फरवरी में भी अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने सऊदी अरब का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात करके कई अहम पहलूओं पर चर्चा की थी। बता दें कि, इस्राइल और हमास जंग का छठा महीना चल रहा है। इस्राइली फौज गाजा पट्टी में लगातार हमले कर रही हैं। इस बीच स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि हमास और इस्राइल के बीच संघर्ष बढ़ने के बाद से गाजा में मरने वालों की तादाद बढ़कर 30 हजार से अधिक हो गई है।