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अमेरिकी वैज्ञानिकों को मिली बड़ी कामयाबी, कोशिकाओं से लैब में तैयार लिवर का चूहों में सफल प्रत्यारोपण

Fri, 05 Jun 2020 01:21 PM IST
देव कश्यप वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : stock.adobe.com
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अंग प्रत्यारोपण पर चल रहे शोध में अमेरिकी वैज्ञानिकों को बड़ी कामयाबी मिली है। वैज्ञानिकों ने दान में मिली कोशिकाओं से लैब में तैयार लिवर को पांच चूहों पर सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया है। यह शोध सेल जर्नल में प्रकाशित हुआ है।

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कई दिन बाद यह लिवर सामान्य रूप से काम कर रहा है। पीटर्सबर्ग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता डॉक्टर एलेजांद्रो सोतो गुटीएरेज ने बताया कि वॉलिंटियर्स ने इस शोध के लिए अपनी त्वचा की कोशिकाएं दान की थी।।उन्हीं कोशिकाओं से प्रयोगशाला में मनुष्य का छोटा लिवर तैयार किया गया। जिसे पांच चूहों में सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित कर दिया गया है।

वे बताते हैं कि लिवर को प्राकृतिक रूप से अपने आकार में आने में दो साल का वक्त लगता है। लेकिन लैब में यह कुछ माह में संभव हो गया। डॉक्टर गुटीएरेज ने कहा, त्वचा की एक कोशिका से काम करने वाला अंग बनाया जा सकता है। यह शोध से सिद्ध हो गया है। अब हम यह उम्मीद करते हैं कि आने वाले समय में प्रत्यारोपण के इंतजार में मरीज को पूरे लिवर का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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कामयाबी... लैब में तैयार अंगों से अंगदान की जरूरत होगी खत्म
लैब में तैयार मानव लिवर को चूहों पर में प्रत्यारोपित करने के बाद वैज्ञानिकों ने उसकी कार्यक्षमता पर नजर रखी उन्होंने पाया कि लिवर में बाइल एसिड यूरिया और दूसरे जरूरी तत्वों का स्राव सामान्य तरीके से हो रहा है। वैज्ञानिकों ने त्वचा की कोशिकाओं से लिवर तैयार करने के लिए मानव त्वचा की कोशिकाओं पर प्रोग्रामिंग की कोशिकाओं को अलग-अलग कर लिवर स्टेम सेल की पहचान की। जिसके बाद उन्हें यह कामयाबी मिली है।

लाखों को नई जिंदगी...
डॉक्टर गुटीएरेज मानते हैं कि आने वाले समय में अंग प्रत्यारोपण को गति मिल सकती है और लाखों लोगों को नई जिंदगी दी जा सकती है। इसे और अधिक सटीक बनाने के लिए अध्ययन को जारी रखा जाएगा।

ग्राफ्टिंग में दिखी रक्त संचार में दिक्कत...
जब लिवर को जोड़ा गया, वहां पर रक्त संचार में दिक्कत आ रही थी। लेकिन मानव लिवर होने के कारण रक्त में प्रोटीन का स्तर संतुलित रहा और यह सामान्य ढंग से काम कर रहा है।

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