पाकिस्तान एफएटीएफ के सुझावों को पूरा नहीं करता है तो इसका प्रभाव अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से उसे मिलने वाले धन पर पड़ सकता है। इस संदर्भ में बोलते हुए वेल्स ने कहा कि इस समय बीजिंग में एक बैठक चल रही है जहां पाकिस्तान अपने कार्यों को टास्क फोर्स के समक्ष प्रस्तुत कर रहा है।
बीजिंग में टास्क फोर्स के मूल्यांकन के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा, क्योंकि तब इस मामले में स्पष्टता आ जाएगी।
एफएटीएफ ने पिछले साल अक्तूबर में पाकिस्तान को लश्कर-ए-ताइबा, जैश-ए-मोहम्मद तथा अन्य आतंकवादी समूहों के वित्त पोषण पर लगाम लगाने में नाकामी के लिए उसे ग्रे सूची में डालने का फैसला किया था।
यदि वह इस साल अप्रैल तक इस सूची से नहीं हटता है तो पाकिस्तान को काली सूची में डाला जा सकता है। इसके बाद उसे गंभीर आर्थिक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।
बेहतर भविष्य के लिए काम जारी रखेंगे भारत-पाक : अहलूवालिया
वहीं पाकिस्तान में भारतीय उप उच्चायुक्त गौरव अहलूवालिया ने शनिवार को उम्मीद जताई कि भारत और पाक दोनों की अपने लोगों के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में काम करना जारी रखेंगे। इस्लामाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हम दोनों देशों को लगभग एक साथ आजादी मिली थी इसलिए हम इस दिशा में काम करते रहेंगे।