श्रीलंकाई सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल शावेंद्रा सिल्वा और उनके परिवार पर अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को लेकर श्रीलंका ने सख्त आपत्ति जताई है। श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने कहा, हमारी सरकार को असत्यापित जानकारी के आधार पर लेफ्टिनेंट जनरल सिल्वा और उनके परिजनों पर लगे यात्रा प्रतिबंध को लेकर सख्त आपत्ति है।
सिल्वा ने 2009 में गृह युद्ध के अंतिम दौर में लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) के विद्रोहियों के खिलाफ जंग में सेना के 58वें डिविजन की कमान संभाली थी। उनकी ब्रिगेड पर आम नागरिकों, अस्पतालों और फंसे हुए तमिल नागरिकों को की जा रही रसद आपूर्ति रोकने का भी आरोप है।
इससे पहले अमेरिकी दूतावास ने सिल्वा की नियुक्ति पर गहरी चिंता जाहिर की थी। दूतावास ने कहा था कि संयुक्त राष्ट्र एवं अन्य संगठनों द्वारा उनके खिलाफ मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन के प्रमाणित हुए आरोप गंभीर एवं विश्वसनीय हैं।
यह नियुक्ति श्रीलंका की अंतरराष्ट्रीय साख और न्याय एवं जवाबदेही को प्रोत्साहित करने की उसकी प्रतिबद्धता को कमतर बताती है खास कर ऐसे समय में जब पुन: मैत्री और सामाजिक एकता की जरूरत सर्वाधिक है।