पहलगाम हमले के बाद भारत के ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान अब तक खौफ में है। उसे अपनी स्थिति का अंदाजा हो गया है, इसीलिये वह चीन की मदद लेकर अपने परमाणु शस्त्रागार को विकसित कर रहा है। ऐसा दावा अमेरिका ने अपनी एक रिपोर्ट में किया है।
अमेरिकी रक्षा खुफिया एजेंसी द्वारा रविवार को जारी 'विश्व खतरा आकलन रिपोर्ट 2025' में पाकिस्तान को लेकर कई दावे किए हैं। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान चीन से सैन्य और आर्थिक सहायता लेकर अपने परमाणु शस्त्रागार का आधुनिकीकरण कर रहा है। इतना ही नहीं, इसमें यह भी कहा गया है कि वह भारत को अपने अस्तित्व के लिए खतरा मानता है।
अमेरिका ने जारी की है रिपोर्ट
बता दें कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी द्वारा जारी की गई यह रिपोर्ट अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सशस्त्र सेवा उपसमिति के लिए बनाई गई है। 'विश्व खतरा आकलन रिपोर्ट 2025' में पाकिस्तान की सेना उसके सैन्य अभियानों और परमाणु हथियारों के बारे में विस्तार के जानकारी दी गई है। इसमें दावा किया गया है कि आने वाले साल में पाकिस्तान की शीर्ष प्राथमिकता सैन्य ढांचे को विकसित और मजबूत करने के साथ ही क्षेत्रीय पड़ोसियों के साथ सीमा पार होने वाली झड़पें और अपने परमाणु शस्त्रागार का निरंतर आधुनिकीकरण शामिल होगा।
अपने अस्तित्व के लिए भारत को सबसे बड़ा खतरा मानता है पाकिस्तान
अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान भारत को अपने अस्तित्व के लिए सबसे बड़ा खतरा मानता है। ऐसे में वह भारत की सैन्य ताकत का मुकाबला करने के लिए खुद को और अपनी सेना को विकसित कर रहा है। वहीं, वह अपने परमाणु हथियारों सहित उनकी सुरक्षा और कमान प्रणाली को भी विकसित और आधुनिक प्रौद्योगिकी से लैस कर रहा है। इसके लिए वह विदेशी आपूर्तिकर्ताओं और बिचौलियों से सामूहिक विनाश के हथियार (WMD) से जुड़े सामान खरीद रहा है। इसमें चीन उसका सबसे बड़ा मददगार है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान चीन से सामूहिक विनाश के हथियार (WMD) विकसित करने के लिए सामग्री और प्रौद्योगिकी हासिल कर रहा है। इनमें से ज्यादातर सामग्री हांगकांग, सिंगापुर, तुर्किये और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों के जरिये हो रहे हैं। यह नेटवर्क बेहद गोपनीय और अंतरराष्ट्रीय नियमों को धता बताकर चलाया जा रहा है। इससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान पारंपरिक हथियारों के साथ ही सीमित क्षेत्र में उपयोग किए जाने वाले ‘युद्धक्षेत्र परमाणु हथियारों’ को भी विकसित कर रहा है। ये किसी भी सीमावर्ती संघर्ष में विनाशकारी साबित हो सकते हैं।
चीन बना उसकी रीढ़ की हड्डी
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान मुख्य रूप से चीन की आर्थिक और सैन्य सहायता का सबसे बड़ा लाभार्थी है। एक तरह से चीन पाकिस्तान की सैन्य व आर्थिक मदद की रीढ़ की हड्डी बन गया है। पाकिस्तान के सशस्त्र बलों को मुख्य रूप से चीन से ही प्रौद्योगिकी और विदेशी सामग्री आपूर्ति की जाती है। साथ ही पाकिस्तानी सेना हर साल चीन की पीएलए के साथ कई संयुक्त सैन्य अभ्यास करती है। इसमें नवंबर 2024 में पूरा होने वाला एक नया हवाई अभ्यास भी शामिल है।
पड़ोसी देशों से संघर्ष रहेगी प्राथमिकता
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान की शीर्ष प्राथमिकता भारत समेत अपने क्षेत्रीय पड़ोसियों के साथ सीमा पार संघर्ष बनी रहेगी। पाकिस्तान का न केवल भारत बल्कि अफगानिस्तान, ईरान के साथ भी अकसर संघर्ष होता रहता है। इसके अलावा तहरीक-ए-तालिबान और बलूच राष्ट्रवादी आंदोलनकारियों के खिलाफ सैन्य अभियान के साथ-साथ परमाणु आधुनिकीकरण भी प्राथमिकता रहेगी। पिछले वर्ष के दौरान पाकिस्तान के नियमित अभियानों के बावजूद, आतंकवादियों ने 2024 में पाकिस्तान में 2,500 से अधिक लोगों की हत्या की।
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ऑपरेशन सिंदूर के बाद खौफ में है पाकिस्तान
पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया इस ऑपरेशन में भारत ने 7 मई को पाकिस्तान और पीओके में कई आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए। इसके जवाब में पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमलों की कोशिश की, जिसका भारत ने कड़ा जवाब दिया। पाकिस्तान को सबसे बड़ा झटका 10 मई की सुबह लगा, जब भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिनमें हवाई अड्डे, रडार इकाइयां और गोला-बारूद के भंडार शामिल थे। इन सैन्य ठिकानों में पाकिस्तान के सरगोधा में स्थित एयरबेस भी शामिल था। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इस एयरबेस पर भारत के हमले के बाद पाकिस्तान के साथ-साथ अमेरिका तक की नींद उड़ गई। दरअसल कहा गया कि सरगोधा के पास स्थित किराना हिल्स भी भारतीय मिसाइल की चपेट में आ गई। बता दें कि दावा किया जाता है कि किराना हिल्स पर ही पाकिस्तान ने अपने परमाणु हथियार छिपा रखे हैं। जिसके बाद दावा किया गया कि पाकिस्तान में न्यूक्लियर लीक हुआ। इन अटकलों के बीच भले ही अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी आईएईए ने इन बातों को खारिज कर दिया है कि पाकिस्तान में कोई भी न्यूक्लियर लीक हो रहा है, लेकिन भारत के हमलों से पाकिस्तान की नींद उड़ी हुई है और वह खुद को मजबूत करने के लिए कदम उठा रहा है।
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