अमेरिका-ईरान के बीच भले ही युद्धविराम कायम है, लेकिन दोनों पक्षों की तरफ से अपने-अपने अभियान चलाए जा रहे हैं। बीते कुछ घंटे पहले अमेरिकी मरीन सैनिकों की तरफ से एक ईरानी जहाज को कब्जे में लिया गया है। इस अभियान का वीडियो सेंटकॉम की तरफ से जारी किया गया है।
पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है, जब अमेरिका की सेना ने ओमान की खाड़ी में एक ईरानी झंडे वाले जहाज टूस्का पर ऑपरेशन चलाकर कब्जा कर लिया। इस पूरे ऑपरेशन का वीडियो खुद अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी यूएस सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने जारी किया है, जिसमें करीब 33 सेकंड के मिशन की पूरी झलक दिखाई गई है।
सेंटकॉम ने जारी किया अभियान का वीडियो
वीडियो में साफ दिखता है कि अमेरिकी मरीन पहले यूएसएस त्रिपोली नाम के युद्धपोत से हेलीकॉप्टर के जरिए उड़ान भरते हैं। इसके बाद वे रात के अंधेरे में सीधे जहाज के ऊपर पहुंचते हैं और रस्सियों के सहारे (रैपलिंग/फास्ट-रोपिंग) नीचे उतरकर जहाज के डेक पर कब्जा कर लेते हैं। यह पूरा ऑपरेशन बेहद तेज और सटीक तरीके से किया गया।
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अमेरिका ने अभियान को बताया जायज
अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि यह जहाज अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा था और ईरान के बंदर अब्बास की ओर जा रहा था। अमेरिकी नौसेना के एक अन्य युद्धपोत यूएसएस स्प्रुआंस ने करीब छह घंटे तक इस जहाज को चेतावनी दी, लेकिन जब जहाज नहीं रुका तो उसे रोकने के लिए उसके इंजन रूम पर गोलाबारी की गई, जिससे उसकी गति रुक गई।
ट्रंप बोले- जहाज ने नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश
इसके बाद अमेरिकी मरीन ने जहाज पर चढ़कर उसे अपने कब्जे में ले लिया। अमेरिका ने इस कार्रवाई को सोची-समझी, पेशेवर और सीमित बताया है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा कि जहाज ने नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश की थी, इसलिए उसे रोकना जरूरी था, और अब यह देखा जा रहा है कि जहाज में क्या सामान था।
ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई को बताया 'समुद्री डकैती'
दूसरी तरफ ईरान ने इस कार्रवाई को समुद्री डकैती बताया है। ईरान के सैन्य मुख्यालय ने आरोप लगाया कि अमेरिकी सेना ने जहाज पर हमला किया, उसकी नेविगेशन प्रणाली को नुकसान पहुंचाया और जबरन कब्जा कर लिया। ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि वह इस कार्रवाई का जवाब देगा। यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब दोनों देशों के बीच तनाव पहले से ही ज्यादा है और एक अस्थायी युद्धविराम 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है। ऐसे में इस ऑपरेशन के बाद हालात और बिगड़ने की आशंका बढ़ गई है।