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ब्राजील पर 25% अमेरिकी टैरिफ का प्रस्ताव: लूला बोले- ट्रंप बना रहे दबाव, चुनाव में भी साजिश के लगाए आरोप

Wed, 03 Jun 2026 07:35 AM IST
रिया दुबे वाशिंगटन, पीटीआई

सार

अमेरिका ने ब्राजील से आयात होने वाले सामान पर 25% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए ट्रंप प्रशासन पर राजनीतिक दबाव बनाने और चुनावी साजिश रचने का आरोप लगाया। आइए विस्तार से जानते हैं। 
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ब्राजील के राष्ट्रपति की कड़ी प्रतिक्रिया - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ब्राजील से होने वाले आयात पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है। अमेरिका का आरोप है कि ब्राजील की व्यापारिक नीतियां अनुचित हैं और वे अमेरिकी वाणिज्य पर बोझ डालती हैं। यह प्रस्ताव अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) की जांच के बाद सामने आया, जिसमें ब्राजील पर भ्रष्टाचार विरोधी कानूनों के कमजोर क्रियान्वयन और असमान शुल्क नीतियों का आरोप लगाया गया है।

राष्ट्रपति लूला ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने इसे आक्रोश के साथ प्राप्त किया है। लूला ने आरोप लगाया कि इस कदम के पीछे उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी और पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो की भूमिका है, जिन्होंने हाल ही में वाशिंगटन का दौरा किया था।

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने क्या कहा?

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीर ने कहा कि ट्रंप प्रशासन और ब्राजील सरकार के बीच रचनात्मक बातचीत हुई है, लेकिन जांच में उठाए गए मुद्दों पर अब भी गंभीर मतभेद बने हुए हैं।

लूला ने अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो पर साधा निशाना

लूला ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह लैटिन अमेरिकी देशों के प्रति नकारात्मक रुख रखते हैं और ब्राजील के साथ बेहतर संबंधों में बाधा बन रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वाशिंगटन में ट्रंप के साथ हुई लंबी बातचीत के दौरान उन्होंने यह बात सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने भी रखी थी।

बोल्सोनारो परिवार पर लगाए गंभीर आरोप

ब्राजील सरकार ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि दोनों देशों के राष्ट्रपतियों की व्यक्तिगत भागीदारी के बावजूद द्विपक्षीय संवाद को बोल्सोनारो परिवार के चुनावी और पारिवारिक हितों के कारण नुकसान पहुंच रहा है। सरकार ने उम्मीद जताई कि प्रस्तावित टैरिफ लागू नहीं होंगे, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि यदि ऐसा हुआ तो देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और नागरिकों की आय की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।

हाल के दिनों में अमेरिका-ब्राजील के रिश्ते

गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी ट्रंप प्रशासन ने ब्राजील पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया था। उस समय इसका कारण 2022 के चुनाव परिणामों को पलटने के प्रयास के आरोपों में जायर बोल्सोनारो के खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई को बताया गया था।
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हाल के दिनों में दोनों देशों के संबंधों में सुधार के संकेत मिले थे और मई की शुरुआत में लूला ने व्हाइट हाउस का दौरा भी किया था। हालांकि, पिछले सप्ताह अमेरिका ने ब्राजील के दो आपराधिक गिरोहों को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया, जिसका लूला सरकार ने विरोध किया है।

इस बीच, फ्लावियो बोल्सोनारो ने सोशल मीडिया पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो को भेजे गए अपने पत्र को सार्वजनिक किया, जिसमें उन्होंने अमेरिका से ब्राजील पर नए टैरिफ न लगाने की अपील की। उनका कहना था कि ऐसे कदम से सबसे अधिक नुकसान ब्राजील की जनता को होगा, जो अमेरिका को मित्र और साझेदार के रूप में देखती है।
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अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने प्रस्तावित टैरिफ पर सार्वजनिक सुनवाई 6 जुलाई को निर्धारित की है। यदि ये शुल्क लागू होते हैं, तो दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव और बढ़ने की आशंका है।
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