अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बिडेन ने कहा है अगर वह नवंबर में होने वाले आम चुनावों में जीतते हैं तो उनका प्रशासन एच1बी वीजा सिस्टम में सुधार करेगा। साथ ही ग्रीन कार्ड के लिए ‘कंट्री कोटा’ को खत्म करेगा। इसके साथ ही बिडेन ने सीमापार आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का साथ देने का वादा किया किया।
बिडेन ने कहा, दक्षिण एशिया में आतंकवाद को और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीमापार और किसी भी तरह के आतंकवाद से सख्ती से निपटा जाएगा। अमेरिका हिंद प्रशांत क्षेत्र में भारत की भूमिका का समर्थन करेगा।
राष्ट्रपति चुनाव में प्रभावशाली भारतीय अमेरिकी समुदाय को लुभाने की कोशिश के तौर पर इन वादों को देखा जा रहा है। एच1बी वीजा दक्ष पेशेवरों को अमेरिका में काम करने के लिए मिलता है। हर साल हजारों भारतीय इस वीजा को हासिल करने को प्रयासरत रहते हैं।
भारत के 74वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए बिडेन की चुनावी अभियान टीम की ओर से नीति दस्तावेज जारी किया। इसमें कहा गया गया कि अगर बिडेन राष्ट्रपति चुनाव में जीतते हैं तो एच1बी वीजा के नियमों को आसान बनाएंगे, जिससे ज्यादा से ज्यादा प्रवासी पेशेवर अमेरिका के विकास में योगदान दे सकें।
इसी तरह देशों के हिसाब से ग्रीन कार्ड की संख्या निश्चित करने की व्यवस्था भी बदलेंगे। इसके साथ ही परिवार आधारित आव्रजन प्रणाली को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसमें कहा गया कि बिडेन प्रशासन घृणा और कट्टरता की बढ़ती घटनाओं को दूर करने के लिए कदम उठाएगा। धार्मिक स्थलों की सुरक्षा जरूरतों का समाधान करेगा। भाषा की बाधाओं को खत्म करेगा।
यह पहला मौका है जब डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार ने विशेष तौर पर भारतीय-अमेरिकियों के लिए नीति दस्तावेज पेश किया है।
खतरों से निपटने में भारत का साथ देंगे
बिडेन ने कहा, अगर वह चुनाव जीते तो उनका प्रशासन भारत के सामने मौजूद खतरों से निपटने में उसके साथ खड़ा रहेगा। भारत के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारतीय-अमेरिकी समुदाय को संबोधित करते हुए कहा, मैं 15 साल पहले भारत के साथ ऐतिहासिक असैन्य परमाणु समझौते को मंजूरी देने के प्रयासों का नेतृत्व कर रहा था।
अगर भारत और अमेरिका करीबी दोस्त व सहयोगी बनते हैं तो दुनिया ज्यादा सुरक्षित हो जाएगी। अगर मैं चुनाव जीतता हूं तो भारत अपने क्षेत्र और अपनी सीमाओं पर जिन खतरों का सामना कर रहा है, अमेरिका उनसे निपटने में भारत के साथ खड़ा रहेगा। अमेरिका भारत के साथ मिलकर काम करेगा, ताकि चीन समेत कोई भी देश अपने पड़ोसियों को धमकाने जैसा कार्य न कर सके।
दोनों देशों को जोड़ता है भारतीय-अमेरिकी समुदाय
बिडेन ने कहा, ‘मैं राष्ट्रपति के तौर पर भारतीय-अमेरिकी समुदाय पर भरोसा करना जारी रखूंगा। यह समुदाय दोनों देशों को जोड़कर रखता है। ओबामा प्रशासन में किसी भी अन्य प्रशासन की तुलना में सबसे अधिक भारतीय-अमेरिकी थे और हमारी मुहिम में भी हमारी प्यारी दोस्त कमला हैरिस हैं, जो अमेरिका के इतिहास में पहली भारतीय-अमेरिकी उपराष्ट्रपति होंगी।
साथ ही कहा कि एक चीज जो उन्हें इतना प्रेरणादायी बनाती है, वह है उनकी मां की अमेरिका आने की कहानी, जो भारत में शुरू हुई। उनकी मां के साहस ने बेटियों को यहां तक पहुंचाया।