अमेरिका में पांच नवंबर को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव है। इस बार डेमोक्रेट खेमे से कमला हैरिस और रिपब्लिकन से डोनाल्ड ट्रंप मैदान में हैं। यह 60वां राष्ट्रपति चुनाव है। डेमोक्रेटिक पार्टी का चुनाव चिह्न गधा है और रिपब्लिकन का चुनाव चिह्न हाथी है। चुनाव चिह्न मिलने का इतिहास 196 साल पुराना है।
अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में गधा और हाथी का अपना एक रोचक इतिहास है। बात 1828 की है। डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार एंड्रयू जैक्सन चुनाव प्रचार कर रहे थे। उसी दौरान विरोधियों ने उन्हें ‘जैकस’ (एक जिद्दी गधा) बुलाना शुरू कर दिया। जैक्सन ने इस लेबल को स्वीकार करते हुए गधे को अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के प्रतीक के रूप में प्रचारित करना शुरू किया। इसके बाद पार्टी के लोग सुविधानुसार प्रयोग करते रहे, लेकिन 1870 के दशक में यह पार्टी की स्थायी पहचान बना, जब कार्टूनिस्ट थॉमस नास्ट ने रिपब्लिकन नीतियों का जिद्दी विरोध जताने के लिए अपने कार्टूनों में गधे को चित्रित किया।
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रिपब्लिकन के ‘हाथी’ की बात करें तो इसका श्रेय भी कार्टूनिस्ट थॉमस नास्ट को ही जाता है। दरअसल, थॉमस नास्ट रचात्मकता का प्रयोग सत्य के साथ और गलत के खिलाफ करने वालों में थे। ऐसे में वह अपने कार्टूनों के माध्यम से दोनों ही दलों की गलत नीतियों के खिलाफ आवाज उठाते रहते थे। जब अमेरिका के कुछ प्रकाशन खुलकर डेमोक्रेटिक पार्टी का समर्थन करने लगे और उन्होंने एक अफवाह उड़ाई कि राष्ट्रपति यूलिसिस ग्रांट 1976 में तीसरे कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ने का मन बना रहे हैं तो उन्होंने 1874 में ‘रिपब्लिकन वोट’ लिखते हुए हाथी का एक कार्टून बनाया। इसमें हाथी को शेर के कपड़े पहने हुए गधे से डरा हुआ दिखाया गया था।
कार्टून के माध्यम से अमेरिकी चुनाव में रिपब्लिकन मतदाताओं के मजबूत आधार और ताकत को दर्शाया गया था। इसके बाद रिपब्लिकन हाथी को एक शांत, लेकिन शक्तिशाली राजनीतिक ताकत के रूप में दिखाने के लिए प्रदर्शित करने लगे और यह पार्टी का स्थायी प्रतीक बन गया। कार्टून से शुरू हुई यात्रा अब एनिमेशन, जोक्स और मीम्स तक पहुंच गई है। - पौड़ी गढ़वाल से नेहा रावत