अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आप्रवासन नीति के खिलाफ, कैलिफोर्निया प्रांत में जारी विरोध प्रदर्शन पुलिस की सख्ती के बाद शनिवार को दंगे में तब्दील हो गया। एक हिरासत केंद्र के पास मौजूद प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलसि ने आंसू गैस के गोले दागे। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पटाखे चलाए और पथराव किया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों में आसपास की कई इमारतों व वाहनों को नुकसान पहुंचाया। इस बीच, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि जल्द ही लॉस एंजिलिस में व्यवस्था बहाल की जाएगी और उसे आजाद किया जाएगा।
दंगों पर क्या बोले ट्रंप?
ट्रंप ने इस बाबत गृह सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को लॉस एंजिल्स को प्रवासियों के आक्रमण से मुक्त कराने और दंगों को समाप्त करने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर लॉस एंजिलिस की स्थिति को लेकर पोस्ट किया। इसमें उन्होंने लिखा कि एक महान अमेरिकी शहर लॉस एंजिलिस पर अवैध विदेशियों और अपराधियों ने आक्रमण कर कब्जा कर लिया है। अब हिंसक, विद्रोही भीड़ हमारे संघीय एजेंटों पर भी हमला कर रही है और हमारे निर्वासन अभियान को रोकने की कोशिश कर रही है, लेकिन ये अराजक दंगे हमारे संकल्प को और मजबूत करते हैं। उन्होंने आगे लिखा कि मैंने गृह सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों के साथ समन्वय करके लॉस एंजिलिस को प्रवासी आक्रमण से मुक्त करने और इन प्रवासी दंगों को समाप्त करने के लिए आवश्यक सभी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। जल्द ही व्यवस्था बहाल की जाएगी, अवैध लोगों को बाहर निकाला जाएगा और लॉस एंजिलिस को मुक्त किया जाएगा।
शुक्रवार को 44 लोगों की गिरफ्तारी के बाद भड़के दंगे
दरअसल, लॉस एंजिलिस में संघीय आव्रजन अधिकारियों ने आव्रजन नियमों के उल्लंघन मामले में शुक्रवार को 44 लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके विरोध में सैकड़ों लोग संघीय हिरासत केंद्र के बाहर जमा हो गए। भीड़ को तित्तर-बितर करने के लिए शनिवार को कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने आंसू गैस के गोले, फ्लैश-बैंग विस्फोटक और मिर्च के गोले दागे, जिसके बाद उनकी प्रदर्शनकारियों से झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों ने सीमा गश्ती वाहनों पर पत्थर फेंके। कचरों में आग लगा दी। सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 12:42 बजे पैरामाउंट बुलेवार्ड के एक ब्लॉक पर भारी भीड़ एकत्र हो गई, जिससे जाम लग गया। शेरिफ रॉबर्ट लुना ने कहा, पैरामाउंट में करीब 400 लोग जमा हो गए थे, जिसके बाद सभा को अवैध घोषित करना पड़ा। वहीं, गृह सुरक्षा विभाग ने एक बयान में कहा, करीब एक हजार दंगाइयों ने संघीय कानून प्रवर्तन इमारत को घेर लिया और आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन कर्मियों पर हमला किया। दंगाइयों ने इमारतों व वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने मैक्सिकन झंडे भी लहराए । शहर में शुक्रवार से ही झड़पें हो रही हैं। शहर में गिरफ्तार अवैध अप्रवासियों, की संख्या 100 पार कर चुकी है।
लॉस एंजेलिस पहुंचे 300 नेशनल गार्ड, प्रदर्शनकारियों से हुई झड़प
वहीं, ट्रंप के आदेश के बाद रविवार सुबह करीब 300 नेशनल गार्ड लॉस एंजेलिस पहुंचे। जहां पहुंचने के कुछ घंटों बाद ही नेशनल गार्ड्स का प्रदर्शनकारियों के साथ टकराव हुआ। गार्ड्स ने संघीय परिसर के बाहर बढ़ती भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। बता दें कि यह तैनाती हाल ही में प्रदर्शनकारियों और संघीय आव्रजन एजेंटों के बीच हुई झड़पों के बाद की गई। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने 2000 नेशनल गार्ड्स की तैनाती के आदेश दिए थे।
लॉस एंजेलिस में हालात संभाल सकता है एलएपीडी: कैरन बास
वहीं, लॉस एंजेलिस की मेयर कैरन बास ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शहर में नेशनल गार्ड की तैनाती पर विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि शहर में चल रहे विरोध प्रदर्शन को संभालने के लिए नेशनल गार्ड की जरूरत नहीं है। लॉस एंजेलिस पुलिस विभाग और शेरिफ जैसी अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियां शहर में हालात को संभालने में सक्षम हैं। मेयर बास ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि इसकी जरूरत है, क्योंकि मुझे विश्वास है कि लॉस एंजिल्स पुलिस विभाग (LAPD) और शेरिफ जैसी अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियां हालात को संभाल सकते हैं।'