फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमेरिकी राष्ट्रपति कितनी तेजी से कर सकते हैं परमाणु हमला, जानें पूरी प्रक्रिया

Fri, 15 Jan 2021 01:27 AM IST
देव कश्यप वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
विज्ञापन
US President Donald Trump - फोटो : ANI
विज्ञापन

वाशिंगटन में कैपिटल इमारत पर हिंसा के साथ-साथ पिछले हफ्ते चौंकाने वाली घटनाओं के मद्देनजर पर्यवेक्षकों ने राष्ट्रपति ट्रंप के बारे में अपनी चिंता व्यक्त की है। पर्यवेक्षकों ने आशंका जताई है कि सत्ता के आखिरी दिनों में ट्रंप परमाणु हथियार इस्तेमाल (एटमी हमले) का आदेश दे सकते हैं।

विज्ञापन


ऐसे वक्त में जब अमेरिका से लेकर दुनिया के कई देश अमेरिकी संसद पर हमले को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें दोषी ठहरा रहे हैं। ऐसे वक्त में क्या ट्रंप परमाणु हमले जैसा कोई कदम उठा सकते हैं, वो भी तब जब उनके कार्यकाल के गिनती के ही दिन बचे हैं। हालांकि ट्रंप ने हाल फिलहाल में ऐसा कोई संकेत नहीं दिया है कि वो किसी तरह का युद्ध कर सकते हैं या फिर दुश्मन देशों के खिलाफ परमाणु युद्ध छेड़ सकते हैं। लेकिन पर्यवेक्षकों ने ट्रंप की ओर से ऐसे हमले की आशंका जताते हुए लोगों को सतर्क किया है ताकि आपातकाल की स्थिति न पैदा हो सके और संक्रमण को रोका जा सके।


यदि राष्ट्रपति ट्रंप परमाणु हमले का निर्णय लेते हैं, तो उनके आदेश पर कितनी तेजी से प्रक्रिया शुरू होती है और इसमें कितना समय लगेगा। ब्लूमबर्ग के एक विश्लेषण के अनुसार, इस स्थिति में अमेरिकी राष्ट्रपति को पूर्ण शक्ति है कि वह आदेश दे सकते हैं और पेंटागन इस आदेश को मानने के लिए बाध्य है। उनके आदेश पर अमेरिकी कांग्रेस हस्तक्षेप नहीं कर सकती है और पेंटागन के सैन्य और असैन्य पदाधिकारी उनके आदेश को लागू करने के लिए बाध्य हैं, चाहे वे इससे सहमत हों या नहीं। बता दें कि अमेरिका में राष्ट्रपति के पास ही परमाणु हमले के लिए कोड होता है। एक बार लॉन्च जारी होने के बाद सेना के प्रमुख भी उसे नहीं रोक सकते हैं। परमाणु स्ट्राइक करने के लिए आवश्यक कदमों पर एक नजर...
विज्ञापन


आइए जानते हैं कि अमेरिका का परमाणु स्ट्राइक कैसे काम करता है और परमाणु हथियार के हमले के लिए दिए गए आदेश के लिए आवश्यक कदम क्या हैं।

  • अमेरिकी राष्ट्रपति हमले का आदेश दे सकते हैं:  राष्ट्रपति के पास परमाणु हथियार के इस्तेमाल का पूरा अधिकार होता है।
  • राष्ट्रपति पेंटागन के सैन्य/असैनिक सलाहकारों के साथ फोन कॉल या वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़ सकते हैं: परमाणु हमले जैसा फैसला लेने के बाद  केवल 30 सेकेंड के अंदर इस पर अमल करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
  • लॉन्च करने का राष्ट्रपति का फैसला: यदि राष्ट्रपति परमाणू लॉन्च करने का आदेश देते हैं, तो एक मिनट या उससे कम समय में पेंटागन को अनुपालन करना होगा।
  • आदेश का सत्यापन किया जाता है: पेंटागन के युद्ध कक्ष में बैठे वरिष्ठ अधिकारी को यह जरूर प्रमाणित करना होता है कि परमाणु स्ट्राइक का आदेश देने वाला व्यक्ति राष्ट्रपति है। वे दो अक्षर वाले चुनौती कोड पढ़ते हैं जिसे बाद में राष्ट्रपति द्वारा 'बिस्किट' पर पुनः प्राप्त किया जाता है।
  • आदेश निकाला जाता है: सत्यापन के बाद दो या तीन मिनट के अंदर वॉर रूम द्वारा लॉन्च ऑर्डर तैयार किया जाता है। यह एक संदेश है जिसमें योजना, लॉन्च का समय, प्रमाणीकरण कोड और साथ ही फायरिंग से पहले मिसाइल को अनलॉक करने के लिए कोड होते हैं, यह दुनिया भर में प्रत्येक कमांड और सीधे क्रू को लॉन्च करने के लिए प्रसारित किया जाता है।
  • लॉन्च क्रू टेकओवर करते हैं: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) द्वारा तैयार किए गए सील-प्रमाणीकरण प्रणाली (एसएएस) कोड प्राप्त करने के लिए क्रू लॉक्ड सेफ को खोलते हैं। वे एसएएस कोड की तुलना सेफ में दिए गए लॉन्च ऑर्डर के कोड से करते हैं।
  • इसके बाद ऑर्डर लैंड क्रू के पास जाता है: लॉन्च क्रू सेफ को खोलते हैं और अपने एसएएस कोड की तुलना युद्ध कक्ष द्वारा भेजे गए कोड से करते हैं। यदि वे मेल खाते हैं, तो वे अपने लॉन्च कंप्यूटर में लक्ष्य के लिए युद्ध योजना संख्या दर्ज करते हैं, वे मिसाइल को अनलॉक करने के लिए अन्य कोड का उपयोग करते हैं। इसके बाद लॉन्च चांबियों को फिर से सेफ से निकाला जाता है और अलग-अलग स्थानों में पांच चालक दल को भेजा जाता है। पांचों चालक दल मिसाइल पर पांच ’वोट' भेजने के लिए एक साथ अपनी चाबी घुमाते हैं।
  • क्या सैन्य विद्रोह हो सकता है? मिसाइल को लॉन्च करने के लिए पांच में से सिर्फ दो 'वोटों' की आवश्यकता होती है, अगर तीन चालक दल आदेशों का पालन करने से इनकार भी कर दें, फिर भी प्रक्षेपण आगे बढ़ेगा।
  • मिसाइल लॉन्च:  जरूरी वोट प्राप्त होने के पांच मिनट बाद अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल भूमिगत कक्ष या पनडुब्बियों से लॉन्च किया जाता है। मिसाइल को एक बार हवा में लॉन्च कर दिया गया तो फिर उसे रोका नहीं जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें