अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन (फाइल फोटो)
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पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक और फैसले को पलटकर बाइडन प्रशासन इस सप्ताह संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) से एक बार फिर जुड़ने की घोषणा कर सकता है। बता दें कि तीन साल पहले परिषद से अमेरिका को अलग करने का फैसला लेकर ट्रंप दोनों के रिश्तों में कड़वाहट ला चुके हैं।
बाइडन प्रशासन के इस फैसले से बहुपक्षीय संगठनों और समझौतों के संबंध में पूर्ववर्ती ट्रंप प्रशासन द्वारा लिया गया एक और निर्णय पलट जाएगा। अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बाइडन प्रशासन मानता है कि परिषद में सुधार जरूरी हैं और ऐसे में बदलाव लाने का सही तरीका यही है कि उसके साथ मिलकर सैद्धांतिक तरीके से काम किया जाए।
अधिकारियों ने बताया कि विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन और जेनेवा में अमेरिका के वरिष्ठ राजयनिक इस बाबत घोषणा करेंगे। बता दें कि वर्ष 2018 में ट्रंप इस्राइल के प्रति यूएनएचआरसी के रुख और इसके सदस्यों के संबंध में ऐतराज जताते हुए परिषद से अलग हो गए थे। ट्रंप ने कहा था कि परिषद जरूरी सुधार करने में भी नाकाम रही है। ट्रंप प्रशासन को मानवाधिकार उल्लंघन पर परिषद के सदस्यों- चीन, क्यूबा, इरीट्रिया, रूस और वेनेजुएला को लेकर भी आपत्ति थी।
इस बार पहले से छोटी होगी ट्रंप के विरुद्ध महाभियोग प्रक्रिया की सुनवाई
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की ऐतिहासिक प्रक्रिया मंगलवार को शुरू होने वाली है। इसे लेकर डेमोक्रेटिक सांसदों का मकसद है कि कैपिटल (संसद भवन) पर हुई हिंसा के लिए ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया जाए जबकि रिपब्लिकन पार्टी के सदस्य इस प्रक्रिया के जल्द से जल्द खत्म होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
इस बार प्रक्रिया के अधिक लंबा चलने की संभावना नहीं है। बता दें कि ट्रंप पर दूसरी बार महाभियोग चल रहा है। एक वर्ष पहले ट्रंप पहले महाभियोग से बरी हो चुके हैं। तब उन पर यूक्रेन से उनके तत्कालीन प्रतिद्वंद्वी जो बाइडन को विवादों में घसीटने के आरोप लगे थे। इस बार भी ट्रंप के बेदाग निकलने की संभावना अधिक है और यह सुनवाई पहले के मुकाबले आधे ही वक्त में ही खत्म होने की उम्मीद है। अनुमान है कि इस दौरान गवाहों को कम संख्या में बुलाया जाएगा।